#अपराध

January 30, 2026

हिमाचल: नालागढ़ ब्लास्ट केस: पाक-ISI लिंक का खुलासा, IED सहित दो आतंकी गिरफ्तार

आतंकियों के निशाने पर हिमाचल के पुलिस स्टेशन

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nalagarh blast case

शिमला/नवांशहर। हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ पुलिस थाने में नए साल के पहले ही दिन हुए बम धमाके की गुत्थी सुलझाते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। इस सनसनीखेज ब्लास्ट के तार पाकिस्तान समर्थित आतंकी नेटवर्क से जुड़े हुए पाए गए हैं। पंजाब पुलिस, हिमाचल प्रदेश पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई में बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) से जुड़े एक नार्को.आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया गया है और दो सक्रिय आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है।

नए साल के दिन हुआ था धमाका

दरअसल 1 जनवरी 2026 को नालागढ़ पुलिस स्टेशन के बाहर हुए धमाके ने पूरे प्रदेश के सुरक्षा तंत्र को हिला कर रख दिया था। नए साल की शुरुआत में पुलिस ठिकाने को निशाना बनाए जाने से साफ हो गया था कि आतंकी संगठन अब सीधे कानून-व्यवस्था से जुड़े संस्थानों पर हमला करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। तभी से इस मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर गंभीरता से जांचा जा रहा था।

 

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नवांशहर से दो आतंकी गिरफ्तार

पुलिस ने पंजाब के शहीद भगत सिंह नगर (नवांशहर) जिले के राहों कस्बे से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनकी पहचान शमशेर सिंह उर्फ शेरू उर्फ कमल और प्रदीप सिंह उर्फ दीपु के रूप में हुई है। जांच में सामने आया है कि दोनों सिर्फ स्थानीय अपराधी नहीं, बल्कि अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय आतंकी साजिश का हिस्सा थे।

IED की बरामदगी से साजिश की पुष्टि

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) भी बरामद की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद IED उसी तरह की है, जैसी नालागढ़ पुलिस थाना ब्लास्ट में इस्तेमाल की गई थी। इससे यह साफ हो गया है कि आरोपी सीधे तौर पर विस्फोटक हमले की योजना और क्रियान्वयन में शामिल थे।

 

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आईएसआई और हरविंदर रिंदा के इशारे पर रची साजिश

पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने बताया कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी पाकिस्तान में बैठे बीकेआई मास्टरमाइंड हरविंदर सिंह रिंदा के करीबी सहयोगियों के इशारे पर काम कर रहे थे। जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह हमला महज एक संयोग नहीं] बल्कि पुलिस संस्थानों को दहलाने की एक सोची-समझी आतंकी साजिश थी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नवांशहर के राहों निवासी शमशेर सिंह उर्फ शेरू और प्रदीप सिंह उर्फ दीपू के रूप में हुई है। ये दोनों आरोपी मास्टरमाइंड शुशांत चोपड़ा और गुरप्रीत उर्फ गोपी के सीधे संपर्क में थे।

 

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31 दिसंबर को हिमाचल पहुंचाई गई थी IED

जांच की परतों ने खुलासा किया है कि 1 जनवरी 2026 को नालागढ़ में हुए ब्लास्ट के लिए विस्फोटक सामग्री की सप्लाई पंजाब से की गई थी। आरोपी 31 दिसंबर 2025 की रात को पंजाब से एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) लेकर हिमाचल प्रदेश पहुंचे थे। इसी विस्फोटक का इस्तेमाल अगले दिन पुलिस थाने को निशाना बनाने के लिए किया गया। पुलिस का मानना है कि इस ब्लास्ट का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा बलों के भीतर डर पैदा करना और क्षेत्र की शांति भंग करना था।

NDPS केस से खुला आतंकी नेटवर्क

नवांशहर के एसएसपी तुषार गुप्ता के अनुसार, यह पूरा मामला राहों थाने में दर्ज एक NDPS एक्ट के केस की जांच के दौरान उजागर हुआ। पूछताछ और फॉलो-अप कार्रवाई में आरोपियों की आतंकी गतिविधियों से जुड़ी भूमिका सामने आई, जिसके बाद यह बड़ा खुलासा संभव हो सका।

 

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दो और आरोपी रडार पर

पुलिस ने बताया है कि इस आतंकी साजिश में शामिल दो अन्य आरोपियों की भी पहचान कर ली गई है। उन्हें पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। जांच एजेंसियां नेटवर्क की आगे और पीछे की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं, ताकि पूरे मॉड्यूल का पूरी तरह सफाया किया जा सके।

UAPA समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज

इस मामले में राहों पुलिस थाना में अलग एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें आर्म्स एक्ट, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA और भारतीय न्याय संहिता की कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस का कहना है कि यह मामला सीधे तौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, जांच जारी

नालागढ़ ब्लास्ट केस में हुए इस बड़े खुलासे के बाद हिमाचल और पंजाब में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से न सिर्फ एक बड़ी आतंकी साजिश का खुलासा हुआ है, बल्कि पुलिस ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश को भी करारा झटका लगा है। जांच लगातार जारी है और पूरे नेटवर्क को बेनकाब करने पर फोकस किया जा रहा है।

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