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January 30, 2026
विक्रमादित्य सिंह ने पेश की सादगी की मिसाल, प्रशंसक के आग्रह पर फोटोग्राफर बनी बुशहर की रानी
डॉ अमरीन कौन ने प्रशंसक की विक्रमादित्य संग फोटो क्लिक की
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शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजनीति में सादगी, सहजता और आम जनता से सीधे जुड़ाव की बात जब भी होती है, तो सबसे पहला नाम स्वर्गीय वीरभद्र सिंह का लिया जाता है। छह बार मुख्यमंत्री रहे वीरभद्र सिंह केवल एक बड़े राजनीतिक नेता ही नहीं थे, बल्कि वे आम लोगों के नेता थे। खास हो या आम, अमीर हो या गरीब- हर कोई उनसे ऐसे मिलता था, जैसे किसी अपने से मिल रहा हो।
आज वही सादगी की विरासत को उनके पुत्र और हिमाचल कांग्रेस के लोक निर्माण विभाग के मंत्री विक्रमादित्य सिंह आगे बढ़ाते नजर आ रहे हैं। राजनीति के उच्च पद पर होने के बावजूद वे खुद को आम जनता से अलग नहीं रखते। हाल ही में शिमला की माल रोड पर देखने को मिला एक दृश्य इसी सोच और संस्कारों का जीवंत उदाहरण बन गया।
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सायंकाल के समय विक्रमादित्य सिंह अपनी पत्नी डॉ अमरीन सिंह के साथ बिना किसी औपचारिकता और सुरक्षा घेरे के माल रोड पर टहलते नजर आए। इस दौरान उनके साथ ना तो कोई सुरक्षा कर्मी और ना ही कोई पीएसओ मौजूद रहा। दोनों बिल्कुल आम नागरिकों की तरह लोगों के बीच घूमते नजर आए।
विक्रमादित्य सिंह के साथ फोटो खिंचवाने के लिए प्रशंसक के आग्रह पर फोटोग्राफर बनी डॉ अमरीन कौर pic.twitter.com/X16UymRtWW
— Vishal Rana (@VishalR77182544) January 30, 2026
विक्रमादित्य सिंह जब अपनी पत्नी और बुशहर की रानी डॉ अमरीन कौर के साथ टहल रहे थे, तभी एक प्रशंसक की नजर उन पर पड़ गई और वह विक्रमादित्य सिंह के पास जाकर उनके साथ एक फोटो खिंचवाने का आग्रह करने लगा। विक्रमादित्य सिंह ने भी बिना किसी हिचकिचाहट के मुस्कुराते हुए इसके लिए हामी भर दी।
इस बीच आश्चर्य और सादगी का मिला.जुला पल तब सामने आया जब उस प्रशंसक ने अपना मोबाइल फोन फोटो खींचने के लिए साथ खड़ी डॉ अमरीन कौर को थमा दिया। डॉ अमरीन ने भी प्रशंसक का मान रखते हुए बिना किसी दिखावे के बेहद शालीनता से फोन लिया और एक मंझे हुए फोटोग्राफर की तरह उस प्रशंसक की विक्रमादित्य सिंह के साथ फोटो क्लिक की।
इस पूरे घटनाक्रम की सबसे खास बात यह थी कि वहां कोई सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं था। आमतौर पर मंत्रियों के साथ चलने वाली पीएसओ की फौज की जगह वहां सिर्फ जनता का विश्वास और अपनेपन का माहौल था। उपस्थित लोगों ने इस दृश्य को देख कहा कि विक्रमादित्य न केवल अपने पिता की राजनीतिक विरासत संभाल रहे हैं, बल्कि उनके उन नैतिक मूल्यों को भी जिंदा रखे हुए हैं, जो वीरभद्र सिंह को जन.जन का नेता बनाते थे।
इस छोटे से पल ने वहां मौजूद लोगों का दिल जीत लिया। लोगों ने कहा कि यह दृश्य उन्हें स्व वीरभद्र सिंह की याद दिलाता है, जिनकी सादगी और जनता से सीधा जुड़ाव आज भी मिसाल माना जाता है। माल रोड पर घटित यह घटना भले ही छोटी हो, लेकिन इसका संदेश बड़ा है। हिमाचल की राजनीति में सादगी की परंपरा आज भी जीवित है, और उसे आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी अब नई पीढ़ी निभा रही है।