#अपराध

October 13, 2026

हिमाचल में फैला नशे का ज**हर: चरस और चिट्टे के साथ 19 वर्षीय युवक सहित तीन गिरफ्तार

पुलिस ने सभी युवकों को किया अरेस्ट, नेटवर्क खंगालेगी में जुटी पुलिस

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Charas chitta News

शिमला/बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है, लेकिन नशे से जुड़े मामलों में युवाओं की संलिप्तता चिंता बढ़ा रही है। खास बात यह है कि अब कम उम्र के युवक भी मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में पुलिस के शिकंजे में आ रहे हैं।

 

ताजा घटनाक्रम में शिमला जिले के रोहड़ू क्षेत्र में महज 19 साल का युवक कथित तौर पर चरस के साथ पकड़ा गया है, जबकि बिलासपुर में नाकाबंदी के दौरान चिट्टे की बरामदगी के मामले में मंडी जिले के दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है। दोनों मामलों में पुलिस ने कार्रवाई के बाद जांच शुरू कर दी है। अब यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बरामद नशीले पदार्थ कहां से लाए गए थे और इनके पीछे कोई बड़ा सप्लाई नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है।

 

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रोहड़ू में 19 वर्षीय युवक के बैग से मिली चरस

शिमला जिले के रोहड़ू उपमंडल के मैंदली क्षेत्र में पुलिस की डिटेक्शन सेल ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी के पास मौजूद कैरी बैग की तलाशी लेने पर करीब 195 ग्राम चरस/भांग बरामद हुई।

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पुलिस ने आरोपी की पहचान ओनिक नेगी (19), पुत्र जोगिंदर नेगी, निवासी तहसील टिक्कर, जिला शिमला के रूप में की है। पुलिस को 13 अक्टूबर को सूचना मिली थी कि युवक कथित तौर पर मैंदली क्षेत्र में भांग की अवैध बिक्री से जुड़ा हुआ है। इसके बाद टीम ने आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में तलाशी ली।

 

बरामदगी के बाद आरोपी के खिलाफ पुलिस थाना रोहड़ू में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया की जाएगी। मामले की जांच जारी है।

चरस कहां से आई, इसकी पड़ताल करेगी पुलिस

रोहड़ू मामले में पुलिस केवल बरामदगी तक सीमित नहीं रहना चाहती। जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि कथित तौर पर बरामद मादक पदार्थ कहां से लाया गया था और क्या इसके कारोबार में अन्य लोग भी शामिल हैं।

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19 वर्ष की उम्र में नशे से जुड़े मामले में गिरफ्तारी युवाओं के बीच बढ़ती नशे की समस्या पर गंभीर सवाल खड़े करती है। हालांकि, इस मामले में आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों और उसकी भूमिका का अंतिम निर्धारण कानूनी प्रक्रिया के तहत ही होगा।

नाकाबंदी में कार से मिला चिट्टा

दूसरी कार्रवाई बिलासपुर जिले में हुई, जहां पुलिस की विशेष जांच टीम ने बालोह फोरलेन पर मलयावर लिंक रोड के समीप नाकाबंदी के दौरान एक वाहन की तलाशी ली। इस दौरान पुलिस ने 10.61 ग्राम चिट्टा, जिसे हेरोइन भी कहा जाता है, बरामद करने का दावा किया है। 

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मामले में मंडी जिले के दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है। उनकी पहचान शुभम द्विवेदी, पुत्र स्वर्गीय युगल किशोर, निवासी बग्गी, तहसील बल्ह, जिला मंडी और रोहित वर्मा, पुत्र 

बालकृष्ण, निवासी दरबाथू/बग्गी, डाकघर लुहारा, तहसील बल्ह, जिला मंडी के रूप में हुई है। पुलिस ने बरामदगी के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। दोनों आरोपियों की कथित भूमिका और मादक पदार्थ की आपूर्ति से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

सप्लाई नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश

बिलासपुर के पुलिस अधीक्षक अभिषेक धीमान के अनुसार, जिले में नशे की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए अभियान तेज किया जा रहा है। पुलिस इस मामले में बरामद चिट्टे के स्रोत और उससे जुड़े लोगों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।

 

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जांच के तहत बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज खंगाले जाएंगे। यानी नशीला पदार्थ कहां से आया, इसकी आपूर्ति किसने की और कथित तौर पर इसे आगे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था—इन सभी पहलुओं की जांच की जाएगी। इससे यह स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है कि मामला केवल कुछ व्यक्तियों तक सीमित है या इसके पीछे कोई व्यापक नेटवर्क काम कर रहा है।

जांच के बाद सामने आएंगे और तथ्य

रोहड़ू और बिलासपुर के दोनों मामलों में पुलिस की जांच जारी है। रोहड़ू में चरस की बरामदगी और बिलासपुर में चिट्टे के साथ दो युवकों की गिरफ्तारी के बाद अब जांच का मुख्य फोकस नशीले पदार्थों के स्रोत और संभावित सप्लाई चेन पर है। इन कार्रवाइयों से एक बार फिर प्रदेश में नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने की जरूरत सामने आई है। हालांकि, दोनों मामलों के व्यापक नेटवर्क से जुड़े होने या अन्य लोगों की संलिप्तता के बारे में अभी कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया है। जांच पूरी होने के बाद ही इस संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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