#अपराध
December 23, 2025
हिमाचल: सुबह देर तक नहीं खुली दुकान, शटर तोड़ कर अंदर देखा तो मिली व्यक्ति की देह
जिस दुकान को चलाकर पाला परवार, उसी के अंदर त्याग दिए प्राण
शेयर करें:

हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिला से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां रोज़मर्रा की तरह रात को काम समेटकर दुकान में सोया एक व्यक्ति सुबह ज़िंदा नहीं उठा। यह दृश्य न सिर्फ एक परिवार, बल्कि पूरे टौणीदेवी बाजार के लिए गहरे सदमे का कारण बन गया। वर्षों से मेहनत और ईमानदारी से अपनी रोज़ी कमाने वाले दुकानदार की अचानक मौत ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया।
दरअसल हिमाचल के हमीरपुर जिला के टौणी देवी बाजार में उस समय हड़कंप मच गया, जब दुकान के अंदर ही दुकानदार का शव मिला। बताया जा रहा है कि चाहड़ गांव निवासी और पिछले कई वर्षों से टौणीदेवी बाजार में ड्राईक्लीन की दुकान चला रहे 67 वर्षीय बलदेव सिंह की दुकान के अंदर ही लाश मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बलदेव सिंह रोज़ की तरह सोमवार को भी दिनभर ग्राहकों के कपड़ों की ड्राईक्लीनिंग का काम निपटाने के बाद रात को दुकान बंद किए बिना वहीं रुक गए। उन्होंने घर आकर रात का खाना खाया और फिर अपनी दुकान पर लौट गए। परिजनों के अनुसार बलदेव सिंह दुकान पर ही सोए थे।
इसी सब के बीच आज मंगलवार सुबह करीब पौने आठ बजे तक बलदेव सिंह दुकान से बाहर नहीं आए और न ही दुकान खुली, तो पास की दुकानों के व्यापारियों को अनहोनी की आशंका हुई। स्थानीय दुकानदारों ने तुरंत उनके बेटे अनिल को फोन कर सूचना दी कि उनके पिता अभी तक नहीं उठे हैं और दुकान भी अंदर से बंद है।
सूचना मिलते ही अनिल मौके पर पहुंचा। शटर का सेंटर लॉक तोड़कर जब दुकान के भीतर देखा गया, तो बलदेव सिंह बिस्तर पर अचेत अवस्था में पड़े थे। जांच करने पर पता चला कि उन्होंने वहीं अपने प्राण त्याग दिए थे। यह दृश्य देखकर परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। रात को जीवित व्यक्ति का सुबह इस तरह अचानक चले जाना पूरे परिवार के लिए असहनीय सदमा बन गया।
बलदेव सिंह की अचानक मौत की खबर फैलते ही टौणीदेवी बाजार में शोक की लहर दौड़ गई। टौणीदेवी व्यापार मंडल के महासचिव संजीव चौहान और उपाध्यक्ष अमरदीप राणा के आह्वान पर व्यापारियों ने अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए करीब तीन घंटे तक अपनी दुकानें बंद रखीं। बाजार में सन्नाटा पसरा रहा और हर कोई दिवंगत आत्मा को याद करता नजर आया।
बलदेव सिंह का अंतिम संस्कार नोंण बारी श्मशानघाट में किया गया, जहां सैकड़ों लोगों ने पहुंचकर उन्हें अंतिम विदाई दी और शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं। लोगों ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को इस कठिन समय में संबल देने की प्रार्थना की।