#अपराध
April 6, 2026
BJP दफ्तर धमाका : चिट्टे की लत ने हिमाचल के रूबल को बनाया आतं*की, कर रहा था UPSC की तैयारी
ISI से कनेक्शन, घर से उठा ले गई पंजाब पुलिस; जांच में जुटी एजेंसियां
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शिमला। हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के एक युवक का नाम पंजाब में हुए सनसनीखेज ग्रेनेड हमले में सामने आने से हर कोई हैरान है। यह मामला चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित भाजपा कार्यालय के बाहर हुए हैंड ग्रेनेड हमले से जुड़ा हुआ है, जिसमें अब तक पुलिस सात आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
इस पूरे घटनाक्रम में रोहड़ू के टिक्कर तहसील के थाना गांव निवासी रूबल चौहान की गिरफ्तारी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इस कार्रवाई को अंजाम देने के बाद पुलिस टीम ने एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है।
सूत्रों के अनुसार पंजाब पुलिस की टीम ने दो दिन पहले रूबल चौहान को उसके घर से हिरासत में लिया और बिना समय गंवाए उसे सीधे पंजाब ले जाया गया। शुरुआती पूछताछ में जो जानकारी सामने आई है, उसने मामले को और गंभीर बना दिया है।
बताया जा रहा है कि रूबल का संपर्क उस गैंग से था, जो इस हमले को अंजाम देने में शामिल थी। वह उनके साथ मिलकर ‘चिट्टा’ यानी नशे का सेवन करता था। बस यहीं से शुरू हुआ फिर सारा खेल।

रूबल चौहान की पृष्ठभूमि ने इस केस को और भी चौंकाने वाला बना दिया है। बताया जा रहा है कि वह पढ़ाई में अच्छा था और चंडीगढ़ में रहकर UPSC की तैयारी कर रहा था। उसके परिवार की पृष्ठभूमि भी सामान्य नहीं मानी जाती- उसके दादा दिल्ली में संसद भवन में कार्यरत रह चुके हैं, जबकि उसके पिता सुरेंद्र चौहान दिल्ली में निजी कारोबार करते हैं।
रूबल की स्कूली शिक्षा हिमाचल के कोटखाई क्षेत्र के टाऊ गांव से हुई, जहां उसने 12वीं तक पढ़ाई की। इसके बाद उसे उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए चंडीगढ़ भेजा गया था। लेकिन इसी दौरान वह गलत संगत में पड़ गया और नशे की गिरफ्त में आ गया।

इस मामले में पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया है। इनकी पहचान गुरतेज सिंह और अमनप्रीत सिंह के रूप में हुई है, जिन्हें हरियाणा के रेवाड़ी से संयुक्त ऑपरेशन में पकड़ा गया। दोनों रूपनगर जिले के रत्तनगढ़ गांव के रहने वाले हैं।
पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों में से एक शिमला से है और बाकी के चार पंजाब से संबंध रखते हैं। सभी आरोपियों को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। आरोपियों की पहचान-

यह घटना 1 अप्रैल, 2026 की शाम करीब 5 बजे की है, जब चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित भाजपा कार्यालय के बाहर अचानक धमाका हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दो युवक मोटरसाइकिल पर आए और उनमें से एक ने पार्किंग एरिया की ओर हैंड ग्रेनेड फेंक दिया।
हालांकि, ग्रेनेड कम तीव्रता का था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन आसपास खड़े कुछ वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। हैरानी की बात यह रही कि हमलावरों ने खुद इस वारदात का वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
इस हमले के पीछे खालिस्तानी आतंकी संगठन बब्बर खालसा से जुड़े सुखजिंदर सिंह बब्बर ने सोशल मीडिया के माध्यम से जिम्मेदारी ली है। उसने इसे पंजाब में हुई कुछ पुरानी घटनाओं का बदला बताया और ‘खालिस्तान’ की मांग को दोहराया।

वहीं, जांच के दौरान विदेशी हैंडलर बलजोत लाड़ी का नाम भी सामने आया है, जिसके तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े बताए जा रहे हैं। पुलिस इस एंगल पर भी गंभीरता से जांच कर रही है।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि नशे की लत किस तरह युवाओं को बर्बादी की ओर धकेल रही है। एक ऐसा युवक जो देश की सबसे कठिन परीक्षा की तैयारी कर रहा था, वह अपराध और आतंकी नेटवर्क से जुड़ गया-यह समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है।
पंजाब पुलिस, चंडीगढ़ पुलिस और हरियाणा पुलिस संयुक्त रूप से इस मामले की तह तक जाने में जुटी हुई हैं। आने वाले दिनों में और भी खुलासे होने की संभावना है, खासकर इस नेटवर्क के पीछे काम कर रहे बड़े चेहरों और विदेशी कनेक्शन को लेकर।