कांगड़ा। हिमाचल प्रेदश के नूरपुर जेल से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां हत्या के दोषी कैदी की टांडा अस्पताल में मौत हो गई है। कैदी को दोस्त की हत्या करने के जुर्म में माननीय कोर्ट ने आजीवन कैद की सजा सुनाई थी।
दोस्त की कर दी थी हत्या
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, हत्या का दोषी 46 वर्षीय सुभाष चंद आईमा-पालमुपर साल 2015 में अपने दोस्तों के साथ कुल्लू घूमने गया था। इसी दौरान उसकी एक दोस्त के साथ कहासुनी हो गई और सुभाष ने उसकी हत्या कर दी।
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मिली थी आजीवन कैद की सजा
साल 2015 से साल 2020 तक सुभाष कंडा जेल में रहा। साल 2020 में अदालत ने सुभाष को आजीवन कैद की सजा सुनाई। इसके बाद उसे नाहन जेल भेजा गया। फिर वहां से साल 2023 में उसे नूरपुर जेल भेज दिया गया।
टांडा अस्पताल में तोड़ा दम
वर्तमान में वह नूरपुर जेल में ही कैद था। इसी बीच बीती 17 मई को उसने बताया कि उसे सिर में काफी दर्द हो रहा है। इसके बाद उसे इलाज के लिए नूरपुर अस्पताल ले जाया गया। जहां मौजूद डॉक्टरों ने उसे डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा रेफर कर दिया। यहां बीती रात उसकी मौत हो गई।
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सहायक जेल सुपरिटेंडेंट अनिल कुमार ने बताया कि न्यायिक देखरेख में शव का पोस्टमार्टम करवा दिया गया है। मृतक के परिजनों को भी सूचित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि मामले में धारा 176 के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक जांच करवाई जाएगी।
कैदी की मौत से मचा हड़कंप
बता दें कि अभी बीते दिनों हिमाचल के हमीरपुर जिला की एक जेल में बंद कैदी ने कंबल का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या करने वाला व्यक्ति दुराचार के मामले में ट्रायल पर चल रहा था और जिला कारागार हमीरपुर में बंद था।
इसके अलावा हिमाचल प्रदेश के जिला सोलन की सब जेल में भी एक महिला कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जेल में बंद कैदी की मौत होने से जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
जांच के घेरे में आई जेल की कार्यशैली
कैदी की मौत से जेल में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यशैली भी जांच के घेरे में आ गई है। मामले में अगर जेल अधिकारियों या कर्मचारियों की कोताही पाई गई तो उन पर जांच की गाज गिरना तय है। फिलहाल, मामले की जांच गहनता से की जा रही है।