#अपराध
November 16, 2025
हिमाचल: युवक ने 'डॉलर' कमाने का देखा था सपना, शातिर ने एक लाख लेकर कर दिया चकनाचूर
हिमाचल के बेरोजगार युवाओं को निशाना बना रहे शातिर ठग
शेयर करें:

शिमला। हिमाचल प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी शातिरों के लिए ठगी का नया हथकंडा बन गया है। शातिर लोग बेरोजगार युवाओं को कभी नौकरी दिलाने तो कभी विदेश भेजने के नाम पर लूट रहे हैं। ऐसा ही एक मामला हिमाचल की राजधानी शिमला से सामने आया है। यहां एक लाख गंवाने के बाद भी युवक का नौकरी का सपना पूरा नहीं हो सका। युवक ने शातिर के खिलाफ पुलिस थाना में मामला दर्ज करवाया है।
मिली जानकारी के अनुसार ताज़ा मामला राजधानी शिमला से सामने आया है, जहां विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक युवक से एक लाख रुपये की ठगी कर ली गई। पीड़ित युवक शिमला जिले के चौपाल क्षेत्र का रहने वाला है और इस समय घनाहट्टी में किराये पर रहता है।
पीड़ित की शिकायत के अनुसार अभिषेक चौधरी प्रिपाल सिंह और उनके साथी खुद को विदेशी नौकरी दिलाने वाले एजेंट बताकर उससे संपर्क में आए। उन्होंने युवक को भरोसा दिलाया कि वे पूरी कागजी प्रक्रिया, इंटरव्यू से लेकर वीजा तक सब कुछ एक निश्चित अवधि में करवा देंगे।
विदेश जाने और बेहतर भविष्य के सपने में फंसे युवक ने उनकी बातों पर विश्वास कर अलग-अलग किश्तों में कुल एक लाख रुपये आरोपियों को सौंप दिए। लेकिन पैसा मिलते ही आरोपियों का रवैया बदल गया। पहले तो वे अभी प्रक्रिया चल रही है, थोड़ा समय लगेगा कहकर युवक को टालते रहे, और जब उसने बार.बार अपडेट मांगा तो उन्होंने फोन उठाना ही बंद कर दिया। तब जाकर पीड़ित को समझ आया कि वह शातिर ठगों के जाल में फंस चुका है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल : पत्नी पर शक करता था सनकी पति- कई दिनों से हो रहे थे झगड़े, फिर फेंक दिया एसिड
पीड़ित की शिकायत के बाद बालूगंज थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बीएनएस की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया है। एसपी संजीव गांधी ने जानकारी दी कि पुलिस आरोपियों की पहचान, मोबाइल नंबर, बैंक लेनदेन और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है। बयान दर्ज कर लिए गए हैं और मामले को गंभीरता से आगे बढ़ाया जा रहा है।
शिमला पुलिस ने चेताया है कि प्रदेश में बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाकर ऐसी ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की किसी भी एजेंट से बिना सत्यापन किए नौकरी या वीजा प्रक्रिया के नाम पर पैसा न दें। कोई संदिग्ध प्रक्रिया दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। सभी सरकारी और प्रामाणिक विदेश रोजगार सेवाओं की जांच-पड़ताल अवश्य करें।