#विविध
May 9, 2026
चिट्टे ने बिगाड़ी हिमाचल की तस्वीर- देश भर में दूसरे नंबर पर पहुंचा, रिपोर्ट में हुआ खुलासा
NCRB रिपोर्ट में हिमाचल देश में दूसरे स्थान पर
शेयर करें:

शिमला। देवभूमि के नाम से मशहूर हिमाचल प्रदेश अब नशे की बढ़ती समस्या को लेकर सुर्खियों में है और हालात ऐसे बनते जा रहे हैं कि इसे “उड़ता पंजाब” की तर्ज पर देखा जाने लगा है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की ताजा रिपोर्ट ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट के मुताबिक साल 2024 में नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में हिमाचल प्रदेश पूरे देश में दूसरे स्थान पर रहा है, जो राज्य में नशे की गंभीर होती स्थिति को साफ तौर पर दिखाता है।
रिपोर्ट के मुताबिक हिमाचल प्रदेश में प्रति एक लाख आबादी पर नशा संबंधित अपराधों की दर 17.2 दर्ज की गई है, जबकि पंजाब में यह आंकड़ा 19.6 है। NCRB के अनुसार साल 2024 में हिमाचल प्रदेश में NDPS एक्ट के तहत कुल 1,715 मामले दर्ज किए गए, जो राष्ट्रीय औसत से लगभग तीन गुना अधिक हैं।
यह भी पढ़ें : हिमाचल : नशे के सौदागरों पर बड़ा एक्शन- बार-बार तस्करी कर रहे थे 3 आरोपी, अब भेजे कंडा जेल
अगर विस्तार से देखें तो इन 1,715 मामलों में से 423 मामले ऐसे थे जो व्यक्तिगत उपयोग के लिए नशीले पदार्थ रखने से जुड़े थे, जबकि 1,292 मामले सीधे तौर पर नशा तस्करी से संबंधित पाए गए। इसका मतलब साफ है कि राज्य में सिर्फ नशे का सेवन ही नहीं, बल्कि उसका नेटवर्क भी काफी सक्रिय है। तस्करी के मामलों में हिमाचल प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर रहा, जो प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है।
NCRB की रिपोर्ट यह भी बताती है कि वर्ष 2023 की तुलना में 2024 में मामलों की संख्या में लगभग 20.1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। 2023 में राज्य में कुल 2,146 NDPS मामले दर्ज हुए थे, जिनमें से 547 मामले व्यक्तिगत उपयोग और 1,599 मामले तस्करी से जुड़े थे। इसके बावजूद नशे की समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई है और यह अब भी गंभीर बनी हुई है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल : रात को चल रही थी दोस्तों की पार्टी, मामूली बहस के बाद युवक को पत्थर से मा.रा, देह फेंक भागे
2023 में तस्करी से जुड़े मामलों की अपराध दर प्रति लाख आबादी पर 21.4 थी, जो उस समय भी देश में दूसरी सबसे अधिक दर थी। उस समय पंजाब 25.3 की दर के साथ पहले स्थान पर था। लगातार दो वर्षों से हिमाचल प्रदेश का इस सूची में ऊपर रहना चिंता का विषय है।
राज्य के पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हिमाचल के कई जिलों में युवाओं के बीच सिंथेटिक ड्रग्स, खासकर “चिट्टा” का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। यह नशा अब ग्रामीण इलाकों तक पहुंच चुका है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल : ऑफिस से हाफ डे लेकर घर लौटा नगर निगम अधिकारी, कमरे में उठाया गलत कदम- सदमे में परिवार
पुलिस और प्रशासन की ओर से लगातार नशा विरोधी अभियान चलाए जा रहे हैं, और नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई भी तेज की गई है। कई मामलों में बड़े तस्करों की गिरफ्तारी भी हुई है, लेकिन इसके बावजूद नशे का नेटवर्क पूरी तरह खत्म नहीं हो पा रहा है।