#अपराध
July 5, 2026
हिमाचल: फर्जी मार्कशीट से हासिल की सरकारी नौकरी, CBI ने दर्ज की FIR; रैकेट की जांच शुरू
फर्जी मार्कशीट से मिली सरकारी नौकरी
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रिकांगपिओ। हिमाचल प्रदेश में फर्जीवाड़ा कर सरकारी नौकरी हासिल करने का बड़ा मामला सामने आया है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने किन्नौर जिले के नामगिया शाखा डाकघर में फर्जी 10वीं की मार्कशीट के आधार पर नौकरी पाने के मामले में एक व्यक्ति और कई अज्ञात सरकारी कर्मचारियों व निजी व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। एजेंसी को इस पूरे मामले के पीछे एक संगठित रैकेट होने का संदेह है।
CBI के अनुसार, बिहार के सीतामढ़ी निवासी सुजीत कुमार ने ग्रामीण डाक सेवक भर्ती के दौरान तमिलनाडु राज्य स्कूल परीक्षा बोर्ड की कथित 10वीं की मार्कशीट जमा की थी। इसी दस्तावेज के आधार पर 14 अगस्त 2021 को उसे किन्नौर के नामगिया शाखा डाकघर में शाखा डाकपाल के पद पर नियुक्त किया गया।
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डाक विभाग ने जब प्रमाणपत्र का सत्यापन तमिलनाडु के सरकारी परीक्षा निदेशालय से कराया तो पता चला कि संबंधित मार्कशीट उनके रिकॉर्ड में मौजूद ही नहीं है और विभाग ने ऐसा कोई प्रमाणपत्र कभी जारी नहीं किया। इसके बाद फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
आरोपी 14 अगस्त 2021 से 19 मई 2022 तक शाखा डाकपाल के पद पर कार्यरत रहा। इस दौरान उसने वेतन और भत्तों के रूप में सरकारी खजाने से 1.31 लाख रुपये से अधिक की राशि प्राप्त की। मामला सामने आने के बाद डाक विभाग ने उसकी सेवाएं तत्काल समाप्त कर दी थीं।
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रामपुर डाक मंडल की शिकायत पर सीबीआई ने मामला दर्ज किया है। एफआईआर में सुजीत कुमार के अलावा कई अज्ञात सरकारी कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों को भी आरोपी बनाया गया है। सीबीआई को शक है कि पैसों के बदले फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी नौकरियां दिलाने वाला एक संगठित रैकेट सक्रिय है। एजेंसी अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।