#अपराध
August 23, 2025
हिमाचल की पंचायत में उधड़ी भ्रष्टाचार की परतें, प्रधान निलंबित- जानें पूरा मामला
विकास कार्यों में गड़बड़ी उजागर
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चंबा। हिमाचल प्रदेश में आए दिन ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों पर भ्रष्टाचार के आरोप व उन पर कार्रवाई के मामले सामने आ रहे हैं। प्रदेश की कई पंचायतों के प्रधान तो दोषी पाए जानें पर सस्पेंड तक किए जा चुके हैं। ऐसे में एक अन्य ताजा मामला प्रदेश के जिला चंबा से सामने आया है, पंचायत में हुए विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आने के बाद पंचायत प्रधान को पद से निलंबित कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, चंबा जिला के तहत आते चुराह उपमंडल की ग्राम पंचायत थनेई-कोठी में ग्रामीणों ने प्रधान पर गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज करवाई थी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि, प्रधान द्वारा सरकारी योजनाओं की राशि का दुरुपयोग किया गया और विकास कार्यों में भारी वित्तीय अनियमितताएं बरती गईं हैं।
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शिकायत मिलने के बाद खंड विकास अधिकारी तीसा को जांच सौंपी गई। जांच समिति ने पंचायत के 11 निर्माण कार्यों की पड़ताल की। इनमें से आठ कार्यों का तकनीकी पुनर्मूल्यांकन और भौतिक निरीक्षण किया गया। रिपोर्ट में पाया गया कि कुल ₹12,16,743 की वित्तीय गड़बड़ी हुई है।
जिला पंचायत अधिकारी ने पंचायती राज अधिनियम के अंतर्गत प्रदत्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए आदेश जारी किए। निलंबन के साथ यह भी निर्देश दिए गए हैं कि पंचायत से जुड़ी सभी चल-अचल संपत्ति और दस्तावेज तत्काल पंचायत सचिव को सौंपे जाएं। जांच में सामने आया कि जिन कार्यों की प्रविष्टियां मापन पुस्तिका में दर्ज की गईं, उनका वास्तविक कार्यस्थल से कोई मेल नहीं था।
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बिना आवश्यकता का आकलन किए भारी मात्रा में निर्माण सामग्री खरीदी गई, लेकिन न तो उसे स्टॉक रजिस्टर में दर्ज किया गया और न ही कार्यों में उचित रूप से इस्तेमाल किया गया। कई जगह तो सामग्री का उपयोग ही नहीं हुआ या आंशिक रूप से किया गया।
रिपोर्ट के आधार पर डीसी कार्यालय ने प्रधान को कारण बताओ नोटिस भेजा था। प्रधान ने खंड विकास अधिकारी के माध्यम से अपना उत्तर प्रस्तुत किया, लेकिन जांच में पाया गया कि उसका जवाब न तो तथ्यों पर आधारित था और न ही संतोषजनक।