#राजनीति
August 23, 2025
हिमाचल विधानसभा में फोरलेन प्रोजेक्ट पर उठे सवाल, स्पीकर बोले राज्य सरकार का अधिकार नहीं
फोरलेन प्रोजेक्ट पर उठा सवाल, विधानसभा में गूंजा मुद्दा
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शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में प्रश्नकाल के दौरान आज एनएचएआई की कार्यप्रणाली का मुद्दा जमकर गूंजा। सड़कों के टूटने, पुलों के क्षतिग्रस्त होने और अन्य बुनियादी ढांचे के नुकसान से प्रदेश की स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है। विधानसभा में कई विधायकों ने लोगों को हो रही समस्याओं को उठाया और नेशनल हाईवे पर बनाए जा रहे फोरलेन प्रोजेक्ट पर सवाल खड़े किए।
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने इस मामले में अहम टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) से संबंधित सवाल सदन में तभी लिए जाएंगे जब प्राधिकरण के अधिकारी मौजूद होंगे।
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उन्होंने साफ किया कि एनएचएआई राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता, ऐसे में उनके बिना चर्चा अधूरी रहेगी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस विषय पर मुख्यमंत्री और एनएचएआई अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा।
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने भी सदन में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि विधानसभा सचिवालय को पहले ही पत्र लिखकर बताया गया है कि एनएचएआई से जुड़े सवालों के जवाब उन्हें वहीं से मांगने पड़ते हैं। उन्होंने माना कि फोरलेन प्रोजेक्ट के दौरान भूस्खलन, कानून व्यवस्था और तकनीकी दिक्कतों जैसी गंभीर समस्याएं सामने आई हैं। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से आग्रह किया कि इस विषय पर ठोस निर्णय लिया जाए।
सदन में पूछे गए सवाल के जवाब में मंत्री ने जानकारी दी कि रजोल से ठानपुरी तक प्रस्तावित फोरलेन मार्ग का सर्वेक्षण जुलाई 2025 में पूरा हो चुका है। यह कार्य मेसर्स फीडबैक इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड और कास्टा इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड ने मिलकर किया है।
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इस मार्ग के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है। संशोधित मार्ग विकल्पों को 4 जुलाई 2025 को सक्षम प्राधिकरण के पास अनुमोदन के लिए भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद ही प्रभावित क्षेत्रों और पंचायतों से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।
विक्रमादित्य सिंह ने यह भी बताया कि गग्गल हवाई अड्डे के प्रस्तावित विस्तार की वजह से फोरलेन परियोजना के पैकेज-2 बी में विलंब हुआ है। हवाई अड्डे के विस्तार और नए मार्ग विकल्प के बीच तालमेल बैठाना फिलहाल एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
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फोरलेन निर्माण के दौरान शाहपुर विधानसभा क्षेत्र में ‘बियॉन्ड फोरलेन राइट ऑफ वे’ की परिसंपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है। इसमें रिटेनिंग वॉल्स, कूहलें, पुलियां और नालों जैसी संरचनाएं शामिल हैं। इस संबंध में कुल 178 शिकायतें दर्ज हुई हैं, जिनमें से 28 का निपटारा किया जा चुका है और बाकी मामलों को भी जल्द सुलझाने का आश्वासन मंत्री ने दिया।