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June 24, 2025

हिमाचल कांस्टेबल भर्ती फर्जीवाड़ा: अभ्यर्थियों ने 4 लाख में की दलालों से डील, 2 दिन पहले हुई थी ब्रिफिंग

36 उम्मीदवारों ने ली मदद, 25 ने चुकाई नकद राशि

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police recruitment scam

कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा फर्जीवाड़ा मामले में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। इस बार परीक्षा पास कराने की डील किसी दलाल ने नहीं, बल्कि खुद अभ्यर्थियों ने की थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी विक्रम और बलविंद्र उर्फ सोनू जरयाल से कुल 36 अभ्यर्थियों ने सीधा संपर्क किया और चार लाख रुपये में लिखित परीक्षा पास कराने का सौदा तय किया।

25 अभ्यर्थियों से ली रकम

इनमें से करीब 25 अभ्यर्थियों ने आरोपी पक्ष को 50 हजार से डेढ़ लाख रुपये तक की राशि दे भी दी। ये अभ्यर्थी मुख्यतः जवाली और चंबा जिलों से संबंधित हैं। आरोपियों और अभ्यर्थियों ने खुद पूछताछ में इस बात को पुलिस के सामने कबूला है।

 

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एक पुराना आरोपी फिर सक्रिय

जांच में यह भी सामने आया है कि एक युवक जो पहले ही पेपर लीक केस में गिरफ्तार हो चुका है, वह अब दोबारा से इसी गिरोह के साथ मिलकर नए अभ्यर्थियों को ‘फंसाने’ का काम कर रहा था। इस युवक को भी कमीशन देने की बात हुई थी।

 

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जसूर में 2 दिन पहले हुई थी ब्रिफिंग

15 जून को परीक्षा से दो दिन पहले ही अभ्यर्थियों को जसूर बुलाया गया था, जहां उन्हें सख्त निर्देश दिए गए—मोबाइल फोन का प्रयोग न करें, किसी से बात न करें। इससे कुछ अभ्यर्थियों को शक हुआ और उन्होंने वहां जाना मुनासिब नहीं समझा। ऐसे कुछ युवाओं ने बाद में पुलिस को बयान भी दिए हैं कि वे सीधे परीक्षा केंद्र पहुंचे थे।

पेपर लीक के साक्ष्य नहीं

अब तक की जांच में पुलिस को पेपर लीक होने के कोई स्पष्ट साक्ष्य नहीं मिले हैं, लेकिन यह पुष्टि जरूर हो चुकी है कि आरोपियों ने अभ्यर्थियों से पैसे वसूले हैं और उन्हें झांसा दिया गया।

 

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एसपी कांगड़ा की पुष्टि

एसपी कांगड़ा शालिनी अग्निहोत्री ने कहा है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर एंगल से जांच की जा रही है। फर्जीवाड़ा और पैसों के लेन-देन के पक्के सबूत सामने आ चुके हैं, लेकिन पेपर लीक को लेकर फिलहाल ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं।

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