#अपराध

June 7, 2025

हिमाचल में 94 लाख का फ्रॉड: रिटायर अधिकारी को इस तरह लगाया चूना- आप भी जान लीजिये..

साइबर थाना धर्मशाला में मामला दर्ज

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cyber crime himachal

कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश में लगातार बढ़ रहे ठगी के मामले से हर कोई हैरान है। लोगों को बार-बार साइबर विभाग द्वारा चौकन्ना रहने की हिदायत दी जाती है, बावजूद इसके लोग पैसों को लालच में अपनी जमा पूंजी से हाथ धो बैठते हैं। ऐसा ही मामला प्रदेश के कांगड़ा जिला स्थित धर्मशाला से सटे सिद्धबाड़ी क्षेत्र से सामने आया है। जहां एकटायर्ड अधिकारी के साथ ऑनलाइन निवेश के नाम पर 94.30 लाख रुपये की ठगी हुई है। 

व्हाट्सएप से बनाया शिकार

जानकारी के अनुसार, यह अधिकारी राजस्थान के रहने वाले हैं और इस समय अपने ससुराल सिद्धबाड़ी में रह रहे थे। उन्होंने यह भारी भरकम राशि व्हाट्सएप पर मिले शेयर मार्केट इन्वेस्टमेंट लिंक के जरिये अलग-अलग बैंक खातों में 9 से 10 किस्तों में ट्रांसफर की।

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पहले करवाया मुनाफा फिर लुटा

पूर्व अधिकारी ने पुलिस को बताया कि उन्हें व्हाट्सएप पर शेयर मार्केट में निवेश से मुनाफा कमाने का लालच दिया गया था। शुरू में जब उन्होंने छोटी राशि इन्वेस्ट की, तो शातिरों ने उन्हें करीब 2 लाख रुपये का वर्चुअल मुनाफा दिखाया। इससे वह झांसे में आ गए और फिर लगातार कई किस्तों में 94.30 लाख रुपये शातिरों द्वारा बताए गए खातों में डालते रहे।

शातिरों ने बाद में उन्हें 3 करोड़ रुपये का लाभ होने का दावा किया और कहा कि अंतिम चरण में और पैसा डालना पड़ेगा। इसी तरह वह लगातार झांसे में आते गए, लेकिन अंत में उन्हें एक रुपया भी वापस नहीं मिला।

साइबर थाना ने दर्ज किया मामला

पीड़ित की शिकायत के बाद मामला साइबर क्राइम थाना, नॉर्थ ज़ोन धर्मशाला में दर्ज किया गया है। मामले की पुष्टि करते हुए एएसपी साइबर क्राइम धर्मशाला प्रवीन धीमान ने कहा कि पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और अब तक करीब 50 लाख रुपये की राशि फ्रीज करने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। वहीं उन्होंने ये भी कहा कि प्रदेश में लगातार बढ़ रहे साइबर क्राइम के मामले चिंताजनक है। लोग बिना किसी पुष्टि के कुछ पैसे कमाने के चक्कर में अपनी जमा पूंजी को लूटा देते है। 

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साइबर ठगों का नया पैटर्न

इस तरह की ठगी में साइबर ठग पहले पीड़ित को व्हाट्सएप, फेसबुक या इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर फर्जी निवेश योजनाएं दिखाते हैं। फिर एक ऐप या वेबसाइट पर अकाउंट खुलवाते हैं, जहां वर्चुअल मुनाफा दिखाकर पैसे की लालच में फंसाते हैं। एक बार बड़ी राशि ट्रांसफर हो जाए, तो न तो पैसा वापस आता है, न ही ठगों का कोई जवाब। ऐसे में लोग अपनी सारी धनराशि से हाथ धो बैठते है। 

पुलिस की चेतावनी

एएसपी प्रवीन धीमान ने लोगों से ऑनलाइन शेयर मार्केट, क्रिप्टो इन्वेस्टमेंट या हाई-रिटर्न स्कीमों से दूर रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अगर कोई भी ऑनलाइन लिंक या व्हाट्सएप मैसेज असामान्य लाभ का वादा करता है, तो उसे साइबर ठगी मानें। निवेश से पहले सरकारी अथवा पंजीकृत संस्थाओं की पुष्टि अवश्य करें।

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