#अपराध
March 22, 2025
हिमाचल: बहू को सरकारी नौकरी दिलवाने सास ने करवा दिया अपना ही तलाक
फर्जीवाड़े में पंचायत सचिव की भी रही मिलीभगत
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कुल्लू। अपनी बहू को आंगनवाड़ी में नौकरी दिलवाने के लिए सास-ससुर ने न केवल तलाक के फर्जी कागजात बनवाए, बल्कि पंचायत सचिव के साथ मिलकर अपनी आमदनी भी कम दिखाई। अब स्पेशल कोर्ट ने सास-ससुर और बहू के साथ पंचायत सचिव को भी 3 महीने की जेल हुई है।
अदालत ने सभी 10,000-10,000 रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुलाई 2014 विमला देवी ने विजिलेंस कार्यालय कुल्लू को इस मामले की शिकायत की थी।
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विमला देवी का आरोप था कि मुर्तू देवी ने अपने पति नीरत राम गांव शल्याउड़ी, डाकघर चकुरठा, तहसील बंजार से मिलीभगत कर अपने परिवार की वार्षिक आय कम दिखाने और अपनी बहू निर्मला देवी पत्नी हीरा लाल को आंगनबाड़ी केंद्र शल्याउड़ी में नौकरी लगाने की नीयत से झूठा शपथ पत्र तैयार कर अपने तलाक के दस्तावेज बनाए।
तत्कालीन पंचायत सचिव देवेंद्र कुमार ने मंगलौर पंचायत से मिलीभगत कर मुर्तू देवी का नाम परिवार रजिस्टर से काटकर दूसरी पंचायत चकुरठा को भेजा।
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इस पर इसका नाम पंचायत चकुरठा के परिवार रजिस्टर में अकेला दर्ज हुआ। परिवार रजिस्टर की नकल और परिवार की कम वार्षिक आय के आधार पर निर्मला देवी ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की नौकरी हासिल की।
विवेचना पूरी करने के बाद विजिलेंस ने आरोपियों के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया। इस दौरान 10 मार्च को कोर्ट ने दोनों पक्षों और गवाहों की दलीलें सुनने के बाद मुर्तू देवी, उसके पति नीरत सिंह और बहू निर्मला देवी को तीन-तीन साल की सजा सुनाई। तत्कालीन पंचायत सचिव देवेंद्र कुमार को भी तीन साल की सजा सुनाई गई है। मामले में अभियोजन पक्ष ने 25 गवाहों के बयान दर्ज किए।