#अपराध
March 12, 2025
हिमाचल : जंगल से शिकार कर लौट रही थी युवकों की टोली, पहुंचे सलाखों के पीछे
हिमालयन थार के शिकार का मामला, पांच आरोपी गिरफ्तार
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कांगड़ा: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में वन्य जीव संरक्षण कानूनों का उल्लंघन करते हुए हिमालयन थार के अवैध शिकार का मामला सामने आया है। यह घटना पालमपुर के नजदीकी जिया के ऊपरी क्षेत्र की है, जहां पांच संरक्षित हिमालयन थार का शिकार किया गया। वन विभाग की सतर्कता और पहले से मिली सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें चार शिकारी और एक वाहन चालक शामिल हैं।
वन्य प्राणियों के अवैध शिकार की जानकारी वन विभाग को पहले ही मिल चुकी थी, जिसके बाद विभाग ने इस क्षेत्र में विशेष निगरानी शुरू कर दी थी। शिवरात्रि के बाद से ही वन विभाग की टीम लगातार गश्त कर रही थी और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी।
इसी कड़ी में मंगलवार को बनेर पावर प्रोजेक्ट की ओर जाने वाले धयाला रोड पर वन विभाग की टीम ने नाका लगाया। इसी दौरान एक संदिग्ध वाहन दिखाई दिया, जिसे रोककर तलाशी ली गई।
जांच के दौरान वाहन के भीतर पांच हिमालयन थार मृत पाए गए। इसके अलावा, वाहन से बंदूकें, कारतूस और कुछ तेजधार हथियार भी बरामद किए गए, जो इस अवैध शिकार में इस्तेमाल किए गए थे। बताया जा रहा है कि जिस वाहन में इन वन्य प्राणियों को ले जाया जा रहा था, वह एक पावर प्रोजेक्ट से जुड़ा हुआ है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस को भी सूचित किया गया, जिसके बाद पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल, इस मामले में वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत कानूनी कार्यवाही की जा रही है।
हिमालयन थार को भारतीय वन्य जीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के शेड्यूल-1 के तहत संरक्षित श्रेणी में रखा गया है। इस श्रेणी में आने वाले वन्य प्राणियों के शिकार पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध है, और इसका उल्लंघन करने पर कड़ी सजा का प्रावधान है। हिमालयी क्षेत्र में पाए जाने वाला यह वन्य जीव पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इसलिए इसके शिकार पर कड़े प्रतिबंध लागू हैं।
वन मंडल अधिकारी डॉ. संजीव शर्मा ने बताया कि इस मामले में वन विभाग को पहले से इनपुट प्राप्त था, जिसके बाद विशेष निगरानी रखी जा रही थी। संदिग्ध वाहन की तलाशी के दौरान पांच हिमालयन थार के शव, हथियार और कारतूस बरामद किए गए। पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, और मामले की गहन जांच की जा रही है।
इस घटना के बाद वन्य जीव संरक्षण को लेकर प्रशासन की सतर्कता बढ़ सकती है। हिमाचल प्रदेश के जंगलों में अवैध शिकार को रोकने के लिए वन विभाग पहले से ही कड़े कदम उठा रहा है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर से वन्य प्राणियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। वन विभाग और पुलिस की टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इस शिकार के पीछे कोई बड़ा गिरोह सक्रिय है।