#अपराध
March 25, 2026
हिमाचल: सरकारी कर्मी के पास मिला चिट्टा, पहले फंडिंग करने में आया था नाम- फिर भी मिली जमानत
एक आरोपी सरकारी कर्मचारी निकला
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मंडी। हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के बावजूद कुछ लोग बाज नहीं आ रहे हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पहले ही साफ कर दिया था कि अगर कोई सरकारी कर्मचारी नशे के साथ पकड़ा गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। इसके बावजूद अब एक और मामला जिला मंडी से सामने आया है, जहां पुलिस ने दो नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। जिसमें एक बिजली विभाग का कर्मचारी भी शामिल है।
जानकारी के अनुसार, बीते 23 मार्च की रात जंजहैली पुलिस की टीम इलाके में गश्त कर रही थी। आवाजाही वाले सभी वाहनों की नियमित चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान पुलिस की नजर दो युवकों पर पड़ी, जो संदिग्ध हालत में इधर-उधर घूम रहे थे। पुलिस को उनकी हरकतें संदिग्ध लगीं, जिसके बाद उन्हें रोककर पूछताछ की गई।
जब पुलिस ने दोनों युवकों की तलाशी ली, तो उनके पास से करीब 3 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने बिना देर किए दोनों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और लोग इस मामले को लेकर चर्चा करने लगे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लाल सिंह उम्र 26 साल और मोहन सिंह उम्र 36 साल के रूप में हुई है। इनमें से लाल सिंह बिजली विभाग में टीमेट के पद पर कार्यरत है। एक सरकारी कर्मचारी का इस तरह नशे के मामले में पकड़ा जाना लोगों के लिए चौंकाने वाला है। उसका साथी भी इस अवैध गतिविधि में शामिल पाया गया है।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि लाल सिंह पहले भी नशा तस्करी से जुड़े एक मामले में शामिल रह चुका है। फरवरी 2025 में भलवाड़ इलाके में 44 ग्राम चिट्टा बरामदगी के मामले में उसका नाम सामने आया था। उस समय वह ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए इस धंधे में फंडिंग करता पाया गया था।
दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने उन्हें कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई। हालांकि, पुलिस ने साफ किया है कि जांच अभी जारी है और इस मामले से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ एक छोटी कार्रवाई नहीं है, बल्कि इसके जरिए पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाया जा रहा है कि चिट्टा कहां से आ रहा था और किन-किन लोगों तक पहुंचाया जा रहा था।
प्रदेश में “चिट्टा मुक्त हिमाचल” अभियान के तहत पुलिस लगातार सख्त कदम उठा रही है। नशा तस्करों के खिलाफ विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं और हर स्तर पर निगरानी बढ़ाई गई है।
पुलिस ने यह भी साफ किया है कि अगर कोई सरकारी कर्मचारी नशे के धंधे में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में भी विभागीय कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
अब तक चिट्टा तस्करी में शामिल पाए गए 21 पुलिसकर्मियों को नौकरी से निकाला जा चुका है। इससे यह साफ संदेश दिया गया है कि नशे के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही या मिलीभगत बर्दाश्त नहीं की जाएगी।