#अपराध
February 10, 2026
हिमाचल : बच्चे घर पर कर रहे थे इंतजार, रास्ते में पिता के साथ हो गया अनर्थ- जंगल में मिली देह
परिवार कर रहा था बेसबरी से इंतजार
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कांगड़ा। पिता के इंतजार में बच्चे बार-बार फोन पर यही कहते रहे पापा जल्दी आना। किसी को यह अहसास नहीं था कि यह बातें आखिरी बार हो रही हैं। घर लौटने की खुशी में किया गया एक फोन कॉल, जो परिवार के लिए उम्मीद और सुकून लेकर आया था, वही कुछ ही घंटों में गहरे मातम में बदल गया। ऐसा ही एक हृदयविदारक मामला जिला कांगड़ा से सामने आया है, जहां घर लौट रहे एक युवक की पेड़ से लटकी हुई लाश बरामद हुई है, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
बता दें कि जिला कांगड़ा के पुलिस थाना भवारना के तहत नागनी चौक से करीब 100 मीटर नीचे खड्ड में एक व्यक्ति का शव पेड़ से लटका हुआ मिला है। जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल हो गया। जानकारी के अनुसार संदीप कुमार काफी समय से दिल्ली के एक होटल में काम करता था।
बीते रविवार शाम को वह दिल्ली से अपने घर लौट रहा था। उसने थुरल पहुंचने के बाद अपने घर फोन कर परिजनों को बताया था कि वह थुरल पहुंच गया है और जल्दी ही घर आ जाएगा। परिजन उसके आने का इंतजार करते रहे, लेकिन वह पूरी रात घर नहीं पहुंचा।
इसके बाद परिजनों ने थाना भवारना में इसकी सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस ने युवक की तलाश शुरू की। पुलिस ने आसपास के इलाकों में पूछताछ की और स्कूलों व अन्य जगहों पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी देखी, लेकिन कोई पुख्ता सुराग नहीं मिल पाया। वहीं, परिजन भी रात से ही अपने स्तर पर युवक की तलाश में जुटे रहे।
सोमवार दोपहर बाद सूचना मिली कि नागनी क्षेत्र में एक युवक का शव पेड़ से लटका हुआ है। मौके पर पहुंचे परिजनों ने शव की पहचान की तो उनके पैरो तले जमीन खिसक गई। पेड़ से लटका हुआ व्यक्ति दिल्ली से घर लौट रहा संदीप थी।
घटनास्थल के पास युवक का बैग भी मिला है, जिसमें कपड़े और अन्य सामान मौजूद था। जानकारी यह भी सामने आई है कि मृतक डरोह तक पहुंच चुका था, जहां उसने सब्जी और अन्य सामान की खरीदारी की थी, जिसकी ऑनलाइन पेमेंट की गई थी।
सवाल यह उठ रहा है कि जब मृतक डरोह पहुंच गया था और उसका घर डरोह से महज 2 किलोमीटर दूर था, तो वह दोबारा 5 किलोमीटर दूर नागनी की ओर उस स्थान तक कैसे पहुंचा, जहां उसका शव मिला।
मौके की स्थिति को देखते हुए यह मामला आत्महत्या का प्रतीत नहीं हो रहा है। युवक जिस सफेद कपड़े से बंधा मिला है, वह नया लग रहा है, जिससे आशंका जताई जा रही है कि उसे घटनास्थल पर ही इस्तेमाल किया गया हो। पूरे मामले को लूट और हत्या के नजरिए से भी देखा जा रहा है।
धर्मशाला से पहुंची फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्र की गहन जांच कर सबूत जुटाए हैं। भवारना पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर लिए हैं और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। युवक की मौत को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं, जिससे लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
संदीप कुमार उम्र 42 साल पुत्र बनवारी लाल निवासी गांव सिहोटू जिला कांगड़ा के रुप में हुई।
मृतक संदीप अपने बच्चों से बहुत प्यार करता था। उसका एक बेटा आरुष 14 साल और एक बेटी यशिका 9 साल की है। दिल्ली से लौटते समय उसने बच्चों से भी बात की थी। दोनों बच्चे अपने पिता के घर आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। उन्हें नहीं पता था कि यह बातचीत उनकी आखिरी बातचीत होगी।
जब आरुष अपने पिता के शव के पास पहुंचा तो वहीं फूट-फूट कर रोने लगा। बेटी अपनी मां की गोद में बैठकर रोती रही। मृतक के गांव के लोगों का कहना है कि संदीप एक मिलनसार और शरीफ व्यक्ति था। उसकी मौत को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
SP कांगड़ा अशोक रत्न ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है और फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया था। मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। फोरेंसिक रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का पता चल पाएगा।