#अव्यवस्था
February 10, 2026
हिमाचल के 3 बड़े अस्पतालों में मरीज परेशान : नहीं मिल रहा इलाज, हड़ताल पर स्टाफ
स्टाफ ने अस्पताल प्रशासन को दी चेतावनी
शेयर करें:

शिमला। हिमाचल प्रदेश में मरीजों को इलाज करवाने के लिए परेशानी झेलनी पड़ रही है। दरअसल, आज सुबह उस समय स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो गईं, जब हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल IGMC सहित दो अन्य प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों में स्टाफ हड़ताल पर चला गया।
मरीजों के जरूरी लैब टेस्ट नहीं हो पाए। IGMC शिमला, रिपन अस्पताल और KNH में कार्यरत क्रसना लैब के कर्मचारियों ने कामकाज पूरी तरह बंद कर दिया, जिससे अस्पतालों में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
सुबह से ही OPD और वार्डों में पहुंचे मरीजों को खून, बायोकेमिस्ट्री और अन्य जरूरी जांचों के लिए इंतजार करना पड़ा। कई मरीजों की जांच टल गई, जबकि कुछ मामलों में इलाज भी प्रभावित हुआ।
क्रसना लैब कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें पिछले तीन महीनों से वेतन नहीं दिया गया है। वेतन न मिलने के कारण कर्मचारियों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने कई बार कंपनी प्रबंधन और संबंधित प्रशासन से अपनी समस्या उठाई, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया।
कर्मचारियों ने बताया कि वेतन न मिलने से उनके परिवारों की आजीविका पर सीधा असर पड़ा है। घर का खर्च चलाना, बच्चों की फीस भरना और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है। मजबूरी में उन्हें काम बंद करने जैसा कठोर कदम उठाना पड़ा।
लैब कर्मचारियों के अनुसार, क्रसना लैब पर प्रशासन का करीब 90 करोड़ रुपये बकाया है। इसी बकाया भुगतान के कारण कंपनी आर्थिक संकट से जूझ रही है और कर्मचारियों को समय पर वेतन देने में असमर्थ है। कर्मचारियों का कहना है कि वे इस विवाद में बीच में पिस रहे हैं, जबकि उनकी मेहनत का मेहनताना उन्हें नहीं मिल पा रहा।
कामकाज बंद होने का सबसे ज्यादा असर मरीजों पर पड़ा। कई गंभीर मरीजों की जांच समय पर नहीं हो सकी, जिससे डॉक्टरों को भी इलाज में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मरीजों और उनके तीमारदारों ने अस्पताल परिसर में नाराजगी जाहिर की और जल्द समाधान की मांग की।
कर्मचारियों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक उनका बकाया वेतन जारी नहीं किया जाता, तब तक वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि अपने हक के लिए है।
पूरे मामले पर अस्पताल प्रशासन ने कहा है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। क्रसना लैब प्रबंधन से बकाया भुगतान को लेकर बातचीत चल रही है। प्रशासन का दावा है कि जल्द ही कोई समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि मरीजों को हो रही परेशानी दूर की जा सके और कर्मचारियों को भी राहत मिल सके।
फिलहाल, शिमला के प्रमुख अस्पतालों में जांच सेवाओं के ठप रहने से स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन और कंपनी प्रबंधन इस संकट का समाधान कितनी जल्दी निकाल पाते हैं।