#अपराध
October 21, 2025
हिमाचल : मातम में बदली दिवाली की खुशियां, ढाई साल की मासूम ने खो दी मां, कमरे में मिली देह
दिवाली की रात हुई थी कहासुनी
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कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश में बीते कल जहां एक ओर पूरे प्रदेश में दिवाली की रात दीपों की रौशनी, पटाखों और खुशियों की गूंज थी, वहीं कांगड़ा जिले के देहरा उपमंडल के अंतर्गत आने वाली डोहग प्लोटी पंचायत में एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जहां एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने पूरे इलाके को सन्न कर दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार की रात महिला अपने ससुराल स्थित मकान के ऊपरी कमरे में अपनी ढाई साल की बेटी के साथ सोई थी। सुबह जब घर की सास ने दरवाजा खोला, तो अंदर का नज़ारा देखकर उनके पैरों तले ज़मीन खिसक गई स्मृति का शव फंदे से लटका हुआ था। परिवार वालों ने तुरंत आसपास के लोगों को बुलाया और पुलिस को सूचना दी।
मृतक महिला की पहचान स्मृति पत्नी वरुण कुमार उम्र 27 साल के रूप में हुई है। ससुराल पक्ष का कहना है कि स्मृति ने आत्महत्या की है, जबकि मायका पक्ष इस बात को सिरे से खारिज कर रहा है। मृतका के पिता मदन लाल ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि उनकी बेटी की हत्या की गई है और उसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने बताया कि स्मृति का पति वरुण शराब का आदी था और आए दिन नशे की हालत में उससे झगड़ा करता था।
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दिवाली की रात भी दोनों के बीच कहासुनी हुई थी। पिता का आरोप है कि उसी झगड़े के बाद उनकी बेटी को मारकर लटका दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि कमरा अंदर से बंद नहीं था और पुलिस के आने से पहले ही शव नीचे उतार लिया गया था, जिससे संदेह और गहरा गया।
घटना की सूचना मिलते ही हरिपुर थाना पुलिस और रानीताल चौकी की टीम देर रात करीब डेढ़ बजे मौके पर पहुंची। लेकिन तब तक शव नीचे उतारा जा चुका था। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से चुन्नी का टूटा फंदा, बिस्तर और अन्य साक्ष्य जुटाए। डीएसपी देहरा शुमायला चौधरी ने खुद मौके पर पहुंचकर जांच की कमान संभाली और शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल देहरा भेजा गया।
अगले दिन जब शव पोस्टमार्टम के बाद गांव लाया गया, तो मायका पक्ष के लोग बड़ी संख्या में वहां इकट्ठा हो गए। उन्होंने जोरदार हंगामा किया और पति, सास और ससुर की गिरफ्तारी की मांग की। परिजनों का कहना था कि जब तक तीनों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने तीनों को हिरासत में लिया, जिसके बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया।
मृतका के पिता ने स्थानीय पंचायत प्रधान पूनम परमार पर भी आरोप लगाए कि वह ससुराल पक्ष का साथ दे रही हैं और मायका पक्ष के लोगों के साथ धक्का-मुक्की की। उन्होंने पुलिस से प्रधान के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हालांकि, प्रधान पूनम परमार ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने सिर्फ मानवता के नाते मदद की थी।
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“जब शव नीचे उतारा गया, तब स्मृति में हल्की सांसें थीं। उसके पति ने सीपीआर देने की कोशिश भी की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी,” उन्होंने कहा। प्रधान ने यह भी जोड़ा कि अब मायका पक्ष की नाराजगी के कारण उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर डर लगने लगा है।
डीएसपी शुमायला चौधरी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में चुन्नी से बना टूटा हुआ फंदा घटनास्थल से मिला है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने मृतका के पति, सास और ससुर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। “मौत के असली कारणों का पता पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा।