#अपराध
July 19, 2026
हिमाचली निकला मानव तस्करी का मास्टरमाइंड : एक आदमी का लेता था 45 लाख
पहले हुई थी छापेमारी, अब दाखिल हुई चार्जशीट
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कांगड़ा। देश के युवाओं को विदेश में बेहतर भविष्य का सपना दिखाकर अवैध रास्तों से अमेरिका पहुंचाने वाले एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा हुआ है। NIA राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अहम आरोपियों के खिलाफ मोहाली स्थित विशेष NIA अदालत में चार्जशीट दाखिल की है।
जांच में हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला निवासी सनी उर्फ सनी डोनकर और दिल्ली के शुभम संधल उर्फ डीप हुंडी का नाम सामने आया है। दोनों पर मानव तस्करी, हवाला लेन-देन और संगठित अपराध से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
NIA की जांच के अनुसार, यह गिरोह लोगों को कानूनी वीजा प्रक्रिया से हटाकर अवैध रास्तों से अमेरिका पहुंचाने का काम करता था। इसके लिए कथित तौर पर मेक्सिको, स्पेन, अल साल्वाडोर और ग्वाटेमाला जैसे देशों के रास्तों का इस्तेमाल किया जाता था। जांच एजेंसी का दावा है कि इस पूरे नेटवर्क में लोगों से लाखों रुपये वसूले जाते थे और यात्रा के दौरान उन्हें कई तरह की परेशानियों और जोखिमों का सामना करना पड़ता था।
जांच में सामने आया है कि धर्मशाला निवासी सनी वर्ष 2021 से 2023 तक मेक्सिको में रहकर इस नेटवर्क का संचालन करता था। NIA के अनुसार, वह मुख्य सरगना गगनदीप सिंह उर्फ गोल्डी के साथ मिलकर पूरे रैकेट को संचालित कर रहा था। एजेंसी का आरोप है कि विदेश में बैठे नेटवर्क और भारत में मौजूद लोगों के बीच समन्वय की अहम जिम्मेदारी भी उसी के पास थी।
NIA का कहना है कि वर्ष 2023 में भारत लौटने के बाद भी सनी ने कथित तौर पर इस नेटवर्क से दूरी नहीं बनाई। वह भारत में रहकर लोगों की आवाजाही, नेटवर्क की व्यवस्था और हवाला के जरिए होने वाले आर्थिक लेन-देन का समन्वय करता रहा। वहीं दिल्ली निवासी शुभम संधल पर आरोप है कि वह हवाला एजेंट के रूप में काम करते हुए पीड़ितों और उनके परिवारों से रकम एकत्र कर विदेशों में सक्रिय नेटवर्क तक पहुंचाता था।
जांच एजेंसी के अनुसार सनी धर्मशाला के मैक्लोडगंज क्षेत्र का रहने वाला है। उसने वर्ष 2016 में मेक्सिको की एक महिला से विवाह किया था। इसके बाद उसने मैक्लोडगंज में एक तीन मंजिला मकान बनाया और 'सनी कम्युनिकेशन सेंटर' नाम से कारोबार शुरू किया।
अब जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि कहीं इस कारोबार का इस्तेमाल संदिग्ध वित्तीय लेन-देन या अवैध धन को वैध दिखाने के लिए तो नहीं किया गया।स्थानीय लोगों के मुताबिक आरोपी की विदेशी पत्नी और उसकी छोटी बेटी फिलहाल धर्मशाला में किराये के मकान में रह रही हैं।
NIA का दावा है कि छापेमारी के दौरान मिले बैंक रिकॉर्ड, मोबाइल फोन, हार्ड ड्राइव और अन्य डिजिटल उपकरणों से करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन के संकेत मिले हैं। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि इस नेटवर्क के जरिए कथित तौर पर प्रति व्यक्ति करीब 45 लाख रुपये तक वसूले जाते थे।
इसी वित्तीय नेटवर्क की तह तक पहुंचने के लिए अब प्रवर्तन निदेशालय ED भी जांच में शामिल हो गया है। एजेंसी मनी ट्रेल और हवाला के जरिए हुए लेन-देन की अलग से जांच कर रही है।
गौरतलब है कि 4 जुलाई 2025 को NIA ने धर्मशाला में आरोपी के ठिकानों पर छापेमारी कर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोबाइल फोन और डिजिटल उपकरण जब्त किए थे। फोरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अब दोनों आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। मामले में आगे की सुनवाई न्यायालय में जारी रहेगी।