#अपराध
February 6, 2026
हिमाचल में चीनी पुलिसवाला अरेस्ट : WHATSAPP से भेज रहा था खबरें, रिकॉर्ड में खुले कई बड़े राज
मोबाइल से नहीं, इंटरनेट से करता था बात
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कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए चीनी नागरिक के मामले में कई बडे़ खुलासे हुए है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे सुरक्षा एजेंसियां भी ज्यादा चौंकना हो रही हैं। इस मामले में आए दिन एक से बड़ा एक चौंकाने वाला खुलासा हो रहा है। जिसने जांच को और गंभीर मोड़ दे दिया है। दरअसल, चीनी नागरिक के रिकॉर्ड खंगालने में जुटी पुलिस टीम को अब उसके फोन की जांच के दौरान बड़ी लीड हाथ लगी है।
इस पूरे मामले में सबसे हैरान करने वाली बात आरोपी का संपर्क करने का तरीका है। जब पुलिस और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने उसके मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच करवाई, तो पता चला कि उसने चीन में किसी से भी सामान्य मोबाइल कॉल के जरिए बात नहीं की।
आरोपी सिर्फ इंटरनेट आधारित कॉलिंग ऐप्स का इस्तेमाल करता था। ऐसे ऐप्स के जरिए की गई कॉल्स को ट्रैक करना आसान नहीं होता, जिससे उसकी लोकेशन और संपर्कों का पता लगाना जांच एजेंसियों के लिए मुश्किल बन गया है।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी का लैपटॉप, मोबाइल फोन और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक सामान अपने कब्जे में ले लिए हैं। अब इन सभी डिवाइस की जांच की जा रही है, ताकि पता चल सके कि वह यहां किन लोगों से संपर्क में था, कहां-कहां गया और उसने इंटरनेट का इस्तेमाल किस-किस काम के लिए किया। इससे उसकी गतिविधियों की पूरी सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।
बता दें कि 3 फरवरी को पुलिस टीम ने कांगड़ा के पर्यटक स्थल धर्मशाला मैक्लोडगंज में एक चीनी युवक को बिना किसी वीजा के घूम रहा था। युवक लगभग 130 दिनों, यानी लगभग पांच महीने तक मैक्लोडगंज में रह रहा था। जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ।
जानकारी के मुताबिक, यह चीनी नागरिक नेपाल सरकार का 90 दिन का टूरिस्ट वीजा लेकर पहले नेपाल पहुंचा था। इसके बाद वह बिना किसी वैध भारतीय वीजा के भारत में दाखिल हो गया और मैक्लोडगंज पहुंच गया।
धर्मशाला SP कार्यालय की सुरक्षा शाखा को एक संदिग्ध विदेशी नागरिक की सूचना मिली। बताया गया कि वह सिर्फ चीनी भाषा में बात कर रहा था और न हिंदी समझ पा रहा था, न अंग्रेजी। सूचना मिलते ही मैक्लोडगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची। जांच के दौरान उसके पास कोई भी वैध भारतीय दस्तावेज नहीं मिले। इसके बाद युवक को गिरफ्तार कर लिया गया।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी का लैपटॉप, मोबाइल फोन और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक सामान अपने कब्जे में ले लिए हैं। अब इन सभी डिवाइस की जांच की जा रही है, ताकि पता चल सके कि वह यहां किन लोगों से संपर्क में था, कहां-कहां गया और उसने इंटरनेट का इस्तेमाल किस-किस काम के लिए किया। इससे उसकी गतिविधियों की पूरी सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।
मैक्लोडगंज सिर्फ एक पर्यटन स्थल नहीं है, बल्कि यही दलाई लामा का निवास स्थान भी है, इसलिए इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी संवेदनशील इलाका माना जाता है। ऐसे में बिना वीजा के किसी विदेशी नागरिक का इतने लंबे समय तक यहां रहना सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े करता है।
पुलिस अब इस मामले को हर एंगल से खंगाल रही है। साथ ही यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि वह व्यक्ति इतने समय तक मैक्लोडगंज में क्यों रहा और उसका असली मकसद क्या था। कहीं आरोपी को यहां ठहरने या घूमने में किसी स्थानीय व्यक्ति ने मदद तो नहीं की। जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगा कि यह सिर्फ लापरवाही का मामला था या इसके पीछे कोई बड़ा और गंभीर कारण छिपा हुआ है।