#अपराध
March 21, 2025
हिमाचल: पैसे दो तभी मिलेगा जन्म प्रमाणपत्र! पंचायत सचिव रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार
इंदौरा में पंचायत सचिव पर विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई
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कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के विकास खंड इंदौरा में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। राज्य सतर्कता विभाग (विजिलेंस) ने पंचायती राज विभाग के एक कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी पंचायत सचिव पर एक दस्तावेज जारी करने के बदले छह हजार रुपये की अवैध मांग करने का आरोप था। विजिलेंस टीम ने शिकायत के आधार पर जाल बिछाकर यह कार्रवाई की।
मामले की जानकारी के अनुसार, एक व्यक्ति को अपनी बहनों के आधार कार्ड में जन्मतिथि संशोधन करवाने के लिए जन्म प्रमाणपत्र की आवश्यकता थी। जब उसने संबंधित पंचायत सचिव से यह दस्तावेज मांगा, तो सचिव ने इसके बदले छह हजार रुपये रिश्वत की मांग की।
भ्रष्टाचार के इस कृत्य से परेशान होकर व्यक्ति ने इसकी शिकायत राज्य सतर्कता विभाग में दर्ज करवाई। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस विभाग ने तत्काल मामले की जांच शुरू की और पंचायत सचिव को रंगे हाथों पकड़ने के लिए एक योजना बनाई।
विजिलेंस की टीम ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) बद्री सिंह के नेतृत्व में एक जाल बिछाया। योजना के तहत जैसे ही पंचायत सचिव ने छह हजार रुपये की रिश्वत ली, विजिलेंस की टीम ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद आरोपी के खिलाफ विजिलेंस थाना धर्मशाला में मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
इस गिरफ्तारी के साथ ही पंचायती राज विभाग में रिश्वतखोरी के मामलों पर विजिलेंस की सख्ती और बढ़ गई है। यह बीते एक महीने में विजिलेंस द्वारा पंचायती राज विभाग में पकड़ा गया तीसरा मामला है।
इससे पहले परागपुर में एक खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था, जबकि दो दिन पहले ही ज्वालाजी में भी एक पंचायत सचिव को गिरफ्तार किया गया था।
विजिलेंस के एसपी बलबीर सिंह ने इस पूरे मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है और भविष्य में भी इस तरह की सख्ती जारी रहेगी। विजिलेंस विभाग की इस सख्त कार्रवाई से सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक कड़ा संदेश गया है।