#अपराध

August 11, 2025

हिमाचल: युवक ने कार में छिपाई थी लाखों की चरस, सप्लाई करने से पहले धरा गया

कार से बरामद हुई चार किलो के करीब चरस

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Charas News Bilaspur

बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश में लगातार बढ़ रही नशे की प्रवृत्ति पर लगाम लगाने के लिए पुलिस विभाग ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में घुमारवीं थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। रविवार देर शाम थाना घुमारवीं की टीम ने रोहिन गांव के समीप फोरलेन सड़क पर नाका लगाकर एक कार को रोका। जांच के दौरान गाड़ी से चरस की बड़ी खेप बरामद हुई। जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों में आंकी जा रही है।

युवक के पास मिली लाखों की चरस

गाड़ी में अकेला चालक ही सवार था, जिसकी पहचान 38 वर्षीय रामधन पुत्र मंगल चंद निवासी गांव रुजग डाकघर भुट्टी तहसील एवं जिला कुल्लू के रूप में हुई है। पुलिस ने मौके पर ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उसके खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस को आरोपी के पास से 3 किलो 800 ग्राम चरस बरामद हुई थी।

 

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जानें क्या बोले डीएसपी

घुमारवीं के डीएसपी मदन धीमान ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में पुलिस पूरी मुस्तैदी से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि  हिमाचल को नशा मुक्त बनाने के लिए पुलिस बल लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहा है। नशे का नेटवर्क चाहे जितना भी मजबूत हो, हम उसे जड़ से उखाड़ने का संकल्प लेकर काम कर रहे हैं। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

 

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हिमाचल में फैलने लगा नशे का जहर

हिमाचल प्रदेश जो कभी शांतिप्रिय और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर राज्य के रूप में जाना जाता था, आज नशे की गिरफ्त में आता जा रहा है। कुल्लू, मंडी, चंबा और शिमला जैसे जिलों में चरस व अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। खासकर पर्वतीय क्षेत्रों में चरस की खेती और तस्करी की घटनाएं पुलिस और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों से नशे का सामान राज्य में प्रवेश करता है और यहां से देश के अन्य हिस्सों तक पहुंचता है। हिमाचल की भौगोलिक स्थिति और दुर्गम रास्ते तस्करों के लिए उपयुक्त माने जाते हैं, जिसका फायदा उठाकर यह गैरकानूनी धंधा फल.फूल रहा है।

 

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युवाओं को लील रहा है नशा

सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस नशे के जाल में अब राज्य के युवा तेजी से फंस रहे हैं। स्कूल और कॉलेज के छात्र नशीले पदार्थों की गिरफ्त में आ रहे हैं, जिससे न केवल उनके भविष्य पर खतरा मंडरा रहा है बल्कि समाज में भी अपराध की दर बढ़ रही है। सरकार और पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई के बावजूद नशे के नेटवर्क को खत्म करने के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर प्रयास करने की ज़रूरत है। अभिभावकों, शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवी संगठनों को आगे आकर युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराना होगा।

 

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