#अपराध

April 3, 2026

हिमाचल में 1500 करोड़ का जमीन घोटाला! मुख्य सचिव पर कई आरोप- 10 दिन बाद भी नहीं हुई FIR

सीएम ने बताया अधिकारियों के बीच का टकराव

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Chester Hill

शिमला। हिमाचल प्रदेश में कथित 1500 करोड़ रुपये के जमीन घोटाले ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। इस मामले में मुख्य सचिव संजय गुप्ता पर गंभीर आरोप लगे हैं, लेकिन शिकायत के 10 दिन बाद भी FIR दर्ज नहीं हो सकी है। आरोप है कि चेस्टर हिल प्रोजेक्ट में जमीन खरीद में भारी गड़बड़ियां हुईं। मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है और सरकार पर कार्रवाई का दबाव लगातार बढ़ रहा है।

275 बीघा जमीन की खरीद में बड़े स्तर पर गड़बड़ी

दरअसल, इस मामले में हाईकोर्ट के अधिवक्ता विनय शर्मा ने 24 मार्च को छोटा शिमला थाने में प्रदेश के मुख्य सचिव संजय गुप्ता के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई, लेकिन अब तक FIR दर्ज नहीं हुई है। पुलिस इस शिकायत को अब राज्य सरकार के पास भेजने की तैयारी में है, जिससे यह साफ है कि मुख्य सचिव पर मामला दर्ज करने का अंतिम फैसला सरकार ही करेगी।

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अधिवक्ता विनय शर्मा का आरोप है कि सोलन जिले में चेस्टर हिल प्रोजेक्ट के तहत करीब 275 बीघा जमीन की खरीद में बड़े स्तर पर गड़बड़ी हुई है। उनका कहना है कि यह जमीन कथित तौर पर बेनामी तरीके से खरीदी गई और इसमें बाहरी लोगों के हित जुड़े हो सकते हैं, जो हिमाचल प्रदेश टेनेंसी एंड लैंड रिफॉर्म्स एक्ट, 1972 की धारा 118 का उल्लंघन है।

संजय गुप्ता को हटाने की मांग

इस विवाद की जड़ में एसडीएम सोलन की जांच रिपोर्ट भी है, जिसमें जमीन खरीद प्रक्रिया में अनियमितताओं के संकेत मिले थे। यह रिपोर्ट आगे डीसी सोलन के माध्यम से सरकार को भेजी गई थी। आरोप है कि उस समय राजस्व सचिव रहे संजय गुप्ता ने इस रिपोर्ट को दबाने का काम किया।

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मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। माकपा ने मुख्य सचिव को पद से हटाने और SIT जांच की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो सचिवालय का घेराव किया जाएगा। वहीं भाजपा ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए संजय गुप्ता को हटाने की मांग उठाई है।

सीएम ने बताया अधिकारियों के बीच का टकराव

विवाद विधानसभा तक भी पहुंच चुका है। हालांकि सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इसे अधिकारियों के बीच आपसी टकराव बताया, लेकिन विपक्ष इस मामले में सरकार की भूमिका पर सवाल उठा रहा है। उधर, संजय गुप्ता ने भी पलटवार करते हुए पूर्व अधिकारियों पर साजिश के आरोप लगाए हैं। फिलहाल अब यह मामला प्रशासन, राजनीति और कानून तीनों स्तरों पर उलझ चुका है।

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