#अपराध
August 14, 2026
हिमाचल : 400 ग्राम चरस के लिए 6 साल चला केस- अब कोर्ट ने सुनाई कठोर सजा
वॉल्वो बस में नशे की खेप लेकर जा रहा था तस्कर
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मंडी। हिमाचल प्रदेश में नशे के कारोबार पर लगाम कसने के लिए पुलिस लगातार तस्करों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। पहाड़ों में नशे की खेप पहुंचाने की कोशिश करने वालों पर निगरानी बढ़ाई गई है।
कई मामलों में कार्रवाई के बाद अब अदालतों से भी सजा के फैसले सामने आ रहे हैं। मंडी में सामने आया चरस तस्करी का एक पुराना मामला भी इसी कड़ी में अब अपने अंजाम तक पहुंचा है, जहां अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए कड़ी सजा सुनाई है।
मामला 25 जनवरी 2021 का है। पुलिस ने कुल्लू से मंडी की तरफ आ रही एक निजी वॉल्वो बस में जांच के दौरान हरियाणा निवासी शक्ति सिंह को पकड़ा था। तलाशी के दौरान उसके बैग से 400 ग्राम चरस बरामद हुई थी। आरोपी सोनीपत जिले के गन्नौर तहसील के राजपुर गांव का रहने वाला है।
चरस बरामद होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। जांच पूरी होने के बाद मामला अदालत में पहुंचा और इसकी सुनवाई शुरू हुई।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 13 गवाह अदालत में पेश किए गए। इनमें बस चालक धर्मपाल और परिचालक जितेंद्र कुमार भी शामिल रहे। दोनों ने पुलिस की कार्रवाई और आरोपी के बैग से चरस बरामद होने की पुष्टि की। अदालत ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के बयानों पर विचार करने के बाद शक्ति सिंह को दोषी ठहराया।
मंडी की विशेष अदालत के स्पैशल जज ने आरोपी को एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी)(ii)(बी) के तहत दोषी करार दिया। कोर्ट ने उसे चार साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर दोषी को एक साल की अतिरिक्त कठोर कैद भुगतनी होगी।
अदालत ने यह भी आदेश दिया कि जांच और ट्रायल के दौरान आरोपी ने जेल में जो 35 दिन बिताए हैं, उन्हें उसकी मुख्य सजा की अवधि में समायोजित किया जाएगा।
कोर्ट के आदेश के बाद दोषी को शेष सजा काटने के लिए मॉडल सेंट्रल जेल नाहन, जिला सिरमौर भेज दिया गया है। पुलिस और अभियोजन पक्ष की कार्रवाई के बाद अब इस मामले में अदालत का फैसला सामने आया है।