#अपराध
May 16, 2025
गुलशन केस : मायके में इंतजार करती रह गई मां, दामाद ने घर पर कर दिया बेटी का काम तमाम
चार साल का बेटा बना गवाह
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शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के शांत पहाड़ी इलाके शोघी से एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया है। एक युवक ने पहले अपनी पत्नी के सिर पर हथौड़े से वार किया, फिर दुपट्टे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उसने शव को आंगन में बने एक गड्ढे में डालकर आग के हवाले कर दिया।
मृत महिला की पहचान गुलशन उम्र 28 वर्ष के रूप में हुई है, जो सोलन जिले के कंडाघाट तहसील के गांव धरैंया की रहने वाली थी। गुलशन की शादी वर्ष 2020 में तोताराम उर्फ बॉबी, निवासी गनपेरी से हुई थी। उनके एक चार साल का बेटा भी है। तोताराम के माता-पिता की मृत्यु पहले ही हो चुकी थी, जिससे घर में सिर्फ पति-पत्नी और बच्चा ही रहते थे।
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बताया जा रहा है कि गुलशन आंगनबाड़ी में कार्यरत थी। बुधवार को दोपहर करीब 2 बजे वह ड्यूटी से घर लौटी थी। उसके बाद उसे किसी ने बाहर आते नहीं देखा। शाम 4 बजे पड़ोसियों ने उसके घर से धुआं और आग की लपटें उठती देखीं। आरोपी घर के आंगन में आग में लकड़ियां और पेंट के डिब्बे डालते हुए दिखाई दिया। पूछने पर उसने कहा कि वह "कूड़ा जला रहा है"। फिर वह अपने चार साल के बेटे को लेकर घर से निकल गया।
गुलशन की मां ने जब बार-बार फोन किया और बेटी से संपर्क नहीं हुआ, तो उन्होंने अपने रिश्ते की चाची को उसकी ससुराल भेजा। वहां पहुंचने पर गुलशन नहीं मिली और तोताराम ने फोन पर कहा कि वह ड्यूटी पर जा रहा है और बेटा भी साथ है।
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इसी बीच वह शोघी पुलिस चौकी जाकर पत्नी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराता है। पुलिस को संदेह हुआ और जब वे मौके पर पहुंचे तो उन्होंने घर के आंगन में बने गड्ढे में पानी डालकर जांच की। वहां से अधजला शव बरामद हुआ। फोरेंसिक टीम को बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से अहम सबूत इकट्ठा किए। पोस्टमार्टम के बाद शव गुलशन के परिवार को सौंप दिया गया।
स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों के अनुसार, पति-पत्नी के बीच काफी समय से अनबन चल रही थी। एक महीना पहले पंचायत ने दोनों के बीच समझौता करवाया था। गुलशन ने मायके जाने के लिए दो दिन की छुट्टी भी ले रखी थी। उसने बेटे को ननिहाल जाने के लिए तैयार किया था और दोपहर को मां से फोन पर भी बातचीत की थी।
इस दर्दनाक घटना से गुलशन का चार साल का बेटा सारांश न केवल मां की ममता से वंचित हो गया है, बल्कि उसका पिता भी जेल पहुंच चुका है। वह अब अपनी मां की चाची के पास रह रहा है और मासूमियत में बस इतना कहता है कि “मम्मी नानी के घर गई है, मुझे भी जाना है।”
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गांव में हर कोई स्तब्ध है कि इतनी भीषण घटना गांव के बीचोंबीच हुई और किसी को भनक तक नहीं लगी। पंचायत प्रतिनिधियों के अनुसार, घटना के समय तेज धूप और पास में जेसीबी से हो रहे शोर के कारण लोग घरों में थे, जिससे कोई आवाज नहीं सुन सका। गुलशन की रिश्तेदार मीरा के अनुसार, वह बेटे को कभी अकेला नहीं छोड़ती थी। हर दिन उसे खुद स्कूल लेकर जाती और वापस लाती थी।