#अपराध

April 8, 2026

हिमाचल : चिट्टा तस्कर निकला जेल में कैदियों का इलाज करने वाला डॉक्टर, हरियाणा से लाता था खेप

नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस- खुलेंगी कई परतें

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सिरमौर। हिमाचल के जिला सिरमौर के नाहन में सामने आए चर्चित चिट्टा मामले ने अब एक चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। जिस डॉक्टर की जिम्मेदारी जेल में कैदियों की सेहत का ख्याल रखना था, वही अब उसी जेल में अंडर ट्रायल कैदी बनकर बंद है। इस खुलासे ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जेल का डॉक्टर बना आरोपी

जानकारी के अनुसार, आरोपी डॉक्टर आदित्य शर्मा करीब 4 से 5 वर्षों तक आदर्श केंद्रीय कारागार नाहन में मेडिकल ऑफिसर के पद पर तैनात रहा। करीब डेढ़ महीने पहले ही उसका तबादला सीएचसी हरिपुरधार में किया गया था। अब 3 दिन के पुलिस रिमांड के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेजकर फिर उसी नाहन जेल में रखा गया है।

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नशे का आदी और नेटवर्क से जुड़ाव की आशंका

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी डॉक्टर खुद भी नशे का आदी था। शुरुआती साक्ष्यों से यह भी संकेत मिले हैं कि वह केवल नशा मंगवाने तक सीमित नहीं था, बल्कि पूरे नेटवर्क के संचालन में उसकी भूमिका हो सकती है।

हरियाणा से मंगवाया जा रहा था चिट्टा

पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने खुलासा किया कि डॉक्टर ने उन्हें हरियाणा के नारायणगढ़ से चिट्टा लाने के लिए भेजा था। पुलिस के अनुसार इस काम के लिए स्कूटी का इस्तेमाल किया गया। 31 मार्च को एसआईयू टीम ने दोसड़का के पास नेचर पार्क के समीप दो युवकों—अभिमन्यु ठाकुर और भानु गर्ग—को 6.68 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया था।

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बैकवर्ड लिंक और पैसों की जांच

सूत्रों के मुताबिक पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के बैकवर्ड लिंक खंगाल रही है। आरोपी डॉक्टर के आर्थिक लेनदेन, मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य संपर्कों की गहन जांच की जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि कहीं यह मामला किसी बड़े संगठित गिरोह से तो जुड़ा नहीं है।

डीम्ड सस्पेंशन के दायरे में आया डॉक्टर

नियमों के तहत 48 घंटे से अधिक पुलिस हिरासत में रहने पर सरकारी कर्मचारी स्वतः निलंबित माना जाता है। ऐसे में आरोपी डॉक्टर भी “डीम्ड सस्पेंशन” के दायरे में आ गया है। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश प्रताप ने रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी है।

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पुलिस की जांच जारी

SP सिरमौर एनएस नेगी ने बताया कि मामले की हर कड़ी को जोड़ने के लिए जांच जारी है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सकता है। यह मामला सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि सिस्टम के भीतर छिपे उस खतरनाक सच की ओर इशारा करता है, जहां इलाज करने वाला ही जहर के कारोबार में शामिल पाया गया।

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