#अपराध
August 22, 2025
हिमाचल : दादी के साथ रहती थी किशोरी, मजदूर ने घर से भगाया और कर दिया गंदा काम- मिली ये सजा
पिछले दो महीने से वहीं रह रहा था मजदूर
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बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश में आए दिन बच्चियों, युवतियों और महिलाओं के साथ होने वाले यौन अपराधों से जुड़े ढेरों मामले सामने आते हैं। इन मामलों में पीड़िताओं को इंसाफ पाने के लिए लंबे वक्त तक इंतजार करना पड़ता है। मगर हिमाचल के बिलासपुर जिला में कोर्ट ने करीब चार साल की सुनवाई के बाद नाबालिग के साथ नीचता करने वाले आरोपी को कठोर कारावास की सजा सुना दी है।
यह मामला 27 नवंबर, 2021 को बिलासपुर के एक गांव से सामने आया था। नाबालिग लड़की अपनी दादी के पास रहती थी। आरोपी पीड़िता को दादी के घर से भगाकर ले गया था- जो कि पिछले दो महीने से वहीं रह रहा था।
मामले का खुलासा तब हुआ जब 27 नवंबर, 2021 की सुबह लड़की घर से सुबह निकली, लेकिन शाम तक वापस नहीं आई। परिजनों ने अपने स्तर पर हर जगह बच्ची की तलाश की। मगर उसका कहीं कुछ सुराग नहीं मिल पाया।
इसी बीच पता चला कि दादी के घर के पास रहने वाला मजदूर उनकी बेटी को अपने साथ भगा ले गया है। घटना के पांच दिन बाद लड़की को मजदूर के पास से बरामद कर लिया गया।
इसके बाद पिता बेटी को लेकर थाने पहुंचा और लिखित शिकायत दर्ज करवाई। मामले पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए पुलिस टीम ने मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी।
मामले में चार्जशीट दायर की गई और मामला कोर्ट पहुंचा। जहां पर सुनवाई चली और मुकदमे के दौरान कोर्ट में 22 गवाहों को पेश करने, सभी दलीलों को सुनकर अदालत ने मजदूर को दोषी पाया। दोषी की पहचान मनोहर लाल उर्प मनोज के रूप में हुई- जो कि बरेली उत्तर प्रदेश का रहने वाला है।
अब बीते कल विशेष सत्र जिला न्यायाधीश चिराग भानू सिंह की अदालत ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने वाले मजदूर को कठोर सजा सुनाई है। कोर्ट ने धारा 366 के तहत 20 साल के कठोर कारावास के साथ एक लाख रुपया जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। वहीं, जुर्माना ना देने पर सजा की वृद्धि का भी प्रावधान किया गया है। जुर्माना ना अदा करने पर आरोपी को एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।