#अपराध
August 21, 2025
हिमाचल में नशा सप्लाई करने आ रहे थे 4 पंजाबी युवक, रास्ते में बड़ी खेप के साथ धरे
आरोपियों के पास से पुलिस को मिली चरस की खेप
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बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश मे बढ़ती नशाखोरी और नशे की तस्करी के खिलाफ हिमाचल पुलिस का सख्त रुख लगातार जारी है। इसी कड़ी में बिलासपुर जिला पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। जिला पुलिस की विशेष टीम ने रोहिण फोरलेन पर की गई नाकाबंदी के दौरान पंजाब नंबर की एक संदिग्ध गाड़ी को रोका, जिसकी तलाशी में पुलिस को चरस की बड़ी खेप बरामद हुई। गाड़ी में सवार चार युवकों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस ने चरस के साथ पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ NDPS (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पकड़े गए चारों युवक पंजाब के रहने वाले बताए जा रहे हैं, जो इस चरस को बेचने के इरादे से हिमाचल में प्रवेश कर रहे थे। लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया और चारों को गिरफ्तार कर लिया।
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डीएसपी हेड क्वार्टर मदन धीमान ने जानकारी देते हुए कहा कि जिला पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान चला रखा है और किसी भी सूरत में नशा कारोबार में लिप्त व्यक्तियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई समाज को नशे की गिरफ्त से बचाने और युवाओं को सुरक्षित भविष्य देने की दिशा में एक अहम कदम है। उन्होंने कहा कि नशे के सौदागरों के खिलाफ हमारी मुहिम लगातार जारी रहेगी। युवाओं को बर्बादी की ओर धकेलने वालों के लिए हिमाचल में कोई जगह नहीं है।
इस मामले ने एक बार फिर उस गंभीर चिंता को हवा दी है कि हिमाचल प्रदेश में नशे की तस्करी में पंजाब के नशा तस्करों की लगातार भूमिका सामने आ रही है। पिछले कुछ वर्षों में कई बार ऐसे मामले उजागर हुए हैं, जहां पंजाब के नंबर की गाड़ियों में भारी मात्रा में चरस, हेरोइन या अन्य नशीले पदार्थ बरामद किए गए हैं। इससे यह साफ जाहिर होता है कि सीमावर्ती इलाकों का इस्तेमाल नशा तस्करी के लिए हो रहा है।
हिमाचल जैसे शांत प्रदेश में नशे के मामलों का बार.बार सामने आना एक चिंताजनक सामाजिक स्थिति को दर्शाता है। खासकर चरस, हेरोइन और सिंथेटिक ड्रग्स का प्रचलन युवाओं के बीच बढ़ता जा रहा है। स्कूल और कॉलेजों तक इसकी पहुंच को लेकर कई बार सामाजिक संगठनों ने भी चिंता जाहिर की है।