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August 21, 2025
हिमाचल : बेटे के अंतिम दर्शन करने को तरस रहे परिजन, आज घर पहुंचेगी शहीद अरुण की पार्थिव देह
पिछले चार दिन से परिजनों की आखें देख रही बेटे की राह
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लाहौल-स्पीति। हिमाचल प्रदेश का जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति इन दिनों गहरे शोक में डूबा हुआ है। किशोरी गांव के रहने वाले अरुण कुमार रविवार को देश की रक्षा करते हुए सियाचिन की कठोर परिस्थितियों में वीरगति को प्राप्त हो गए। परिवार और पूरा इलाका चार दिनों से अपने लाल की पार्थिव देह का इंतजार कर रहा है, लेकिन खराब मौसम ने इस अंतिम यात्रा में बाधा डाल दी है।
अरुण कुमार को अचानक सिर में तेज दर्द हुआ और देखते ही देखते उन्होंने अंतिम सांसें ले लीं। उस समय वे सियाचिन ग्लेशियर पर ड्यूटी दे रहे थे, जहां तापमान शून्य से भी 50 डिग्री नीचे चला जाता है। महज दो हफ्ते पहले ही उन्होंने वहां अपनी सेवा शुरू की थी, लेकिन इतनी कम उम्र में देश की रक्षा करते हुए उनका जीवन थम गया।
रविवार को भारतीय वायुसेना का हेलीकॉप्टर अरुण की पार्थिव देह लेकर लेह से चंडीगढ़ पहुंचा था। योजना थी कि जल्द ही उनके पैतृक गांव लाया जाएगा, लेकिन खराब मौसम के कारण अभी तक पार्थिव शरीर लाहौल घाटी नहीं पहुंच पाया। इस वजह से परिवारजन और गांव के लोग गमगीन माहौल में अपने बेटे के अंतिम दर्शन का इंतजार कर रहे हैं। मगर आज अरुण की पार्थिव देह घर पहुंच जाएगी।
जैसे ही मौसम साफ होगा, अरुण कुमार की पार्थिव देह को उनके घर लाया जाएगा। गांव और आसपास के लोग भी इस क्षण का इंतजार कर रहे हैं, ताकि अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई दे सकें। सेना की परंपरा के अनुसार उन्हें पूरे राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार दिया जाएगा।