#अपराध
June 23, 2026
हिमाचल: मां-बाप को कमरे में ल*टका मिला 16 साल का बेटा, स्कूल में डंडे से पीटते थे शिक्षक! नोट में खुलासा
परिजनों ग्रामीणों ने स्कूल परिसर में किया हंगामाए प्रिंसिपल की मांगी गिरफ्तारी
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कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला से एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया हैए जिसने न केवल एक हंसतेण्खेलते परिवार से उसका लाडला बेटा छीन लियाए बल्कि निजी स्कूलों की कार्यप्रणाली और विद्यार्थियों पर पड़ रहे मानसिक दबाव को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांगड़ा जिला के पुलिस थाना सुजानपुर के तहत एक 11वीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र ने घर के कमरे में फंदा लगा लिया। 16 साल के इस छात्र की आत्महत्या ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। घटना के बाद सामने आए कथित सुसाइड नोट ने मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।
जानकारी के अनुसार कांगड़ा जिले के लंबागांव क्षेत्र के भलूंदर गांव का रहने वाला 16 वर्षीय छात्र अपने माता.पिता के साथ सुजानपुर क्षेत्र के पटलांदर में किराये के मकान में रहता था। छात्र डीएवी स्कूल आलमपुर में 11वीं कक्षा का विद्यार्थी था। बताया जा रहा है कि सोमवार रात तक सब कुछ सामान्य था। छात्र अपने माता-पिता के साथ पढ़ाई कर रहा था और परिवार को किसी भी तरह की अनहोनी की आशंका नहीं थी। लेकिन मंगलवार सुबह जब माता.पिता की आंख खुली तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उनका बेटा कमरे में फंदे से लटका मिला। यह दृश्य देखकर परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटाए जिससे पूरा परिवार बिखर गया।
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जिस बेटे को माता-पिता बेहतर भविष्य देने के लिए संघर्ष कर रहे थेए उसी बेटे की मौत ने उनकी जिंदगी को अंधेरे में धकेल दिया। पिता स्थानीय क्षेत्र में सेल्समैन के रूप में काम करते हैं जबकि मां सिलाई का कार्य कर परिवार का सहारा बनती हैं। बेटे की पढ़ाई और उज्ज्वल भविष्य के सपने संजोए माता.पिता को अब केवल उसकी यादें ही सहारा दे रही हैं।

घटना के बाद उस समय मामला नया मोड़ ले गया जब एक कथित सुसाइड नोट सामने आया। परिजनों का दावा है कि नोट में छात्र ने स्कूल के कुछ शिक्षकों द्वारा उसके साथ मारपीट किए जाने और मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने का जिक्र किया है।
हालांकि पुलिस अभी इस नोट की सत्यता और उसमें लिखी बातों की जांच कर रही हैए लेकिन इस खुलासे ने पूरे मामले को बेहद गंभीर बना दिया है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला केवल आत्महत्या का नहीं बल्कि एक छात्र पर पड़ रहे मानसिक और शारीरिक दबाव का भी बन सकता है।
छात्र की मौत की खबर फैलते ही क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। मंगलवार को बड़ी संख्या में परिजनए ग्रामीण और अन्य विद्यार्थियों के अभिभावक स्कूल परिसर पहुंच गए। लोगों ने स्कूल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि किसी छात्र के साथ अनुचित व्यवहार हुआ है तो दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। लोगों ने स्कूल प्रशासन की जवाबदेही तय करने और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने स्कूल प्रबंधन और प्रिंसिपल की भूमिका की भी जांच किए जाने की मांग की। आक्रोशित ग्रामीणों और अभिभावकों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई तथा संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांग उठाई। स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क नजर आया तथा लोगों को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया गया।

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। शव का पोस्टमार्टम मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में कराया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के हर पहलू की गहनता से जांच की जा रही है और सुसाइड नोट की भी वैज्ञानिक तरीके से पड़ताल की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही आत्महत्या के पीछे के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि विद्यार्थियों पर बढ़ता शैक्षणिक दबावए अनुशासन के नाम पर अपनाए जाने वाले तौर.तरीके और मानसिक स्वास्थ्य जैसे मुद्दों को कितनी गंभीरता से लिया जा रहा है। एक होनहार छात्र की असमय मौत ने पूरे क्षेत्र को सदमे में डाल दिया है और हर किसी के मन में यही सवाल है कि आखिर ऐसी नौबत क्यों आई।
फिलहाल पुलिस जांच जारी है और पूरे प्रदेश की निगाहें इस मामले की जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।