#अपराध
April 4, 2025
हिमाचल : इस चिट्टा तस्कर परिवार ने बदनाम कर दिया पूरा गांव, महिला को 10 साल की सजा
बेटे पर 14 FIR, पति, बहू और दो बेटियां भी पीछे नहीं
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कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में एक परिवार की वजह से पूरा गांव बदनाम हो गया है। इस परिवार के लिए नशे का व्यापार एक पारिवारिक कारोबार बन चुका है। इस परिवार के सात सदस्यों पर ड्रग्स तस्करी के संगीन आरोप हैं।
परिवार की मुखिया दलबीरो देवी को अब 10 साल की सजा और ₹1,00,000 का जुर्माना लगाया गया है। नूरपुर क्षेत्र के इंदौरा स्थित छन्नी गांव का ये पूरा परिवार चिट्टा तस्करी में संलिप्त पाया गया है।
30 मई 2017 को इंदौरा पुलिस ने दलबीरो देवी के घर पर छापा मारा था। इस दौरान 6.50 ग्राम हेरोइन और ₹3,500 नकद बरामद किए गए थे। इसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया और मामला अदालत में गया। अब, वर्षों की सुनवाई के बाद, अदालत ने दलबीरो को 10 साल की कठोर कैद और जुर्माने की सजा सुनाई है।
हिमाचल पुलिस को मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी सफलता!
— Himachal Pradesh Police (@himachalpolice) April 2, 2025
दलबीरो को मिली कठोर सजा
जिला नूरपुर पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी दलबीरो को 10 साल की सजा और ₹1,00,000 जुर्माना सुनाया गया। #PITNDPS#CleanHimachal#NarcoFreeState #HPPolice pic.twitter.com/LCjl62U7ok
हैरान करने वाली बात यह है कि दलबीरो देवी का पूरा परिवार ही नशे के कारोबार में संलिप्त है। दलबीरो के पति अजय पर अफीम और चिट्टे की तस्करी में पहले ही मामला दर्ज है। दलबीरो के बेटे मिथुन पर पंजाब के पठानकोट और हिमाचल में ड्रग्स तस्करी के 14 केस दर्ज हैं। बहू आशा पर NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज है। इसके अलावा दलबीरो का बेटा गोविंदा और दोनों बेटियां नंदिनी और घारे भी ड्रग्स पैडलिंग में लिप्त पाए गए हैं। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि यह परिवार वर्षों से मादक पदार्थों की तस्करी करता आ रहा था और इनके खिलाफ कई मामले अदालतों में लंबित हैं।
हिमाचल पुलिस ने ड्रग्स के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई हुई है। यह नूरपुर पुलिस द्वारा दिलाई गई चौथी बड़ी सजा है, जो प्रदेश में नशे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई को दर्शाती है।
पुलिस का कहना है कि नशे की सप्लाई चेन को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए आगे भी छापेमारी और सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इंदौरा का छन्नी गांव ड्रग्स तस्करी के लिए बदनाम हो चुका है, जहां चिट्टे के कई मामले पहले भी दर्ज किए जा चुके हैं।