#अपराध
June 24, 2026
हिमाचल : बैग में चरस, चेहरे पर डर...पुलिस ने लाखों की चरस संग धरा भारत भूषण
गश्त पर थी पुलिस टीम, नशे के खिलाफ चलाए अभियान के तहत मिली बड़ी सफलता
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बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में नशे के खिलाफ चलाए अभियान के तहत पुलिस को लगातार सफलता मिल रही है। ताजा मामले में भी पुलिस ने नशा तस्करों को बड़ी चोट पहुंचाते हुए कामयाबी हासिल की है।
पुलिस ने लाखों रुपये की चरस की खेप के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि नशा तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने के लिए धरपकड़ अभियान और तेज किया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की कड़ियां खंगाली जा रही हैं।
पहला मामला थाना बरमाणा क्षेत्र में सामने आया। पुलिस टीम नियमित गश्त के दौरान अलसु पुल के समीप मौजूद थी। इसी दौरान एक व्यक्ति संदिग्ध परिस्थितियों में बैग लेकर खड़ा दिखाई दिया। पुलिस को देखकर उसके हावभाव बदल गए, जिससे पुलिस का शक और गहरा गया।
पुलिस ने नियमानुसार तलाशी प्रक्रिया अपनाई। जांच के दौरान उसके बैग से करीब 818.87 ग्राम चरस बरामद हुई। इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत आरोपी को हिरासत में ले लिया। आरोपी की पहचान 46 वर्षीय भारत भूषण के रूप में हुई है- जो कि समरहिल, शिमला का रहने वाला है।
प्रारंभिक जांच में पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद चरस की खेप कहां से लाई गई थी और इसे किस स्थान तक पहुंचाया जाना था। मामले में कई अहम खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
मामले में पुलिस ने NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां अब गिरफ्तार किए गए आरोपी के मोबाइल रिकॉर्ड, संपर्क सूत्रों और सप्लाई चैन की पड़ताल कर रही हैं- ताकि नशा कारोबार से जुड़े बड़े नेटवर्क तक पहुंचा जा सके।
जिला पुलिस प्रमुख अभिषेक धीमान ने कहा कि बिलासपुर को नशामुक्त बनाने के लिए पुलिस पूरी गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है और भविष्य में भी यह अभियान और सख्ती से जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि पुलिस केवल छोटे आरोपियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की जांच कर उन लोगों तक भी पहुंचेगी जो पर्दे के पीछे बैठकर इस अवैध कारोबार को संचालित कर रहे हैं। पुलिस का लक्ष्य जिले में नशा तस्करी की जड़ों को खत्म करना है ताकि युवाओं को इस खतरे से बचाया जा सके।