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February 8, 2026

हिमाचल : बिजली चोरी कर रहा था BJP नेता, रंगे हाथ धरा गया- विभाग ने ठोका 1 लाख जुर्माना

नेता ने स्वीकार की अपनी गलती- भरा जुर्माना

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BJP LEADER SARKAGHAT MANDI STEALING ELECTRICITY HIMACHAL POLICE GOVERNMENT

मंडी। हिमाचल प्रदेश के जिला मंंडी से बिजली चोरी का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस मामले ने राजनीतिक हलकों में भी हलचल पैदा कर दी है। दरअसल, सरकाघाट विधानसभा क्षेत्र में बिजली विभाग की फ्लाइंग स्क्वॉड टीम ने एक स्थानीय BJP नेता को बिजली चोरी करते हुए पकड़ा है।

बिजली चोरी करते पकड़ा BJP नेता

नेता को रंगे हाथों बिजली चोरी करते पकड़ा गया है। विभागीय जांच में ठोस साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी पर लगभग एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया, जिसे मौके पर ही डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से जमा करवा दिया गया।

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लंबे समय से थी विभाग की नजर

जानकारी के अनुसार, सरकाघाट विधानसभा क्षेत्र की कस्मेला पंचायत से संबंधित उक्त भाजपा नेता पार्टी की जिला कमेटी में एक महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत हैं। बिजली विभाग को बीते काफी समय से उनके परिसर में लगे बिजली मीटर की खपत को लेकर संदेह था।

मीटर रीडिंग लगातार जीरो

विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार, उपभोक्ता को 125 यूनिट मुफ्त बिजली सुविधा मिलने के बावजूद मीटर रीडिंग लगातार बेहद कम या लगभग शून्य दर्ज की जा रही थी- जो सामान्य परिस्थितियों में असामान्य मानी जाती है।

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कैसा खुला राज?

इसी संदेह के आधार पर बिजली विभाग की फ्लाइंग स्क्वॉड टीम ने सहायक अभियंता और SDO की मौजूदगी में संबंधित परिसर का अचानक निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि मुख्य सर्विस PVC वायर को पंचर कर मीटर को बायपास किया गया था और उसी के जरिए सीधे अवैध कनेक्शन से बिजली का उपयोग किया जा रहा था।

विभाग ने बनाई वीडियो

निरीक्षण के समय बिजली चोरी से जुड़े सभी तकनीकी और भौतिक साक्ष्य एकत्र किए गए। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी करवाई गई, ताकि भविष्य में किसी भी तरह के विवाद या तथ्यात्मक चुनौती से बचा जा सके।

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एक साल से कर रहा चोरी

बिजली विभाग के अनुसार, प्रारंभिक आकलन में सामने आया है कि आरोपी पिछले लगभग एक वर्ष से अवैध रूप से बिजली का उपयोग कर रहा था, जिससे विभाग को आर्थिक नुकसान हुआ।

एक लाख तक का जुर्माना

नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए विभाग ने बिजली चोरी का केस दर्ज किया और गणना के आधार पर 99 हजार 977 रुपये का जुर्माना निर्धारित किया गया। मौके पर ही आरोपी ने विभागीय कार्रवाई के दौरान अपनी गलती स्वीकार की और जुर्माने की पूरी राशि डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से जमा करवा दी।

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बिजली चोरी करना गंभीर अपराध

इस मामले को लेकर बिजली विभाग के SDO राजीव शुक्ला ने कहा कि बिजली चोरी एक गंभीर अपराध है और विभाग ऐसे मामलों पर लगातार सख्त नजर रखे हुए है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति को, चाहे वह किसी भी पद पर हो या किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ा हो, किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

आम जनता से अपील

वहीं, अधिशासी अभियंता राजकुमार गुप्ता ने बताया कि बिजली चोरी के इस मामले में कुल 99,977 रुपये का जुर्माना वसूला गया है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे अवैध कनेक्शन लेने या बिजली चोरी जैसी गतिविधियों से बचें और यदि कहीं संदिग्ध गतिविधि नजर आए तो तुरंत विभाग को सूचित करें, ताकि बिजली व्यवस्था को पारदर्शी, निष्पक्ष और सुचारु बनाया जा सके।

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राजनीतिक हलकों में चर्चा

वहीं, एक राजनीतिक दल से जुड़े पदाधिकारी का इस तरह बिजली चोरी के मामले में पकड़ा जाना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई पूरी तरह तकनीकी जांच और नियमों के तहत की गई है और इसमें किसी प्रकार का भेदभाव नहीं बरता गया।

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