#अपराध

May 19, 2025

हिमाचल में 5 करोड़ का बैंक घोटाला, फर्जी दस्तावेजों पर लोन, बेखबर पीड़ित की संपत्ति अटैच

पीड़ित को नोटिस आने पर चला पता, पुलिस में दर्ज करवाया मामला

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Bank Loan fraud

धर्मशाला। देवभूमि कहे जाने वाले शांत हिमाचल प्रदेश में आए दिन घोटालों की खबरें सामने आ रही हैं। अब एक ऐसा ही एक और बड़ा घोटाला हिमाचल के कांगड़ा जिला से सामने आया है।  धर्मशाला में स्थित जम्मू-कश्मीर बैंक की एक शाखा में कथित रूप से 5 करोड़ रुपए का लोन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जारी किया गया है। मामले में बैंक अधिकारियों और निजी होटल कंपनी कावी होटल्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों पर गंभीर आरोप लगे हैं।

खाली दस्तावेजों पर करवाए साइन

शिकायतकर्ता मदन लाल कपूर ने धर्मशाला थाने में दर्ज शिकायत में बताया कि वर्ष 2019 में उन्होंने बैंक लोन के लिए दस्तावेज जमा किए थे। बैंक अधिकारियों ने औपचारिकताओं के नाम पर उनसे खाली दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवा लिए, लेकिन उन्हें यह नहीं बताया गया कि इन दस्तावेजों का इस्तेमाल किसी अन्य व्यक्ति को 5 करोड़ रुपए का लोन देने के लिए किया जाएगा।

 

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कैसे हुआ खुलासा

मदन लाल को इस धोखाधड़ी का तब पता चला जब उन्हें कानूनी नोटिस मिलना शुरू हुए। मदन लाल कपूर ने बताया कि उन्होंने स्वयं कोई लोन लिया ही नहीं था। जांच में सामने आया कि उनके नाम से फर्जी बैंक गारंटी बनाकर किसी तीसरे व्यक्ति को भारी भरकम लोन दिया गया और उसमें मदन लाल कपूर की निजी संपत्तियों को अटैच किया गया।

धारा 420 के तहत मामला दर्ज, जांच शुरू

धर्मशाला पुलिस ने इस मामले में IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। एएसपी कांगड़ा बीर बहादुर सिंह के अनुसार, शिकायत की गंभीरता को देखते हुए दस्तावेजों की गहनता से जांच की जा रही है। आरोपी पक्ष से पूछताछ भी जल्द शुरू की जाएगी।

 

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हिमाचल में बढ़ती घोटालों की फेहरिस्त

धर्मशाला का यह मामला हिमाचल में हाल के वर्षों में सामने आए कई आर्थिक घोटालों की कड़ी में एक और नाम जोड़ता है। बीते कुछ ही समय में प्रदेश में कई बड़े घोटाले  सामने आ चुके हैं। जिसमें 

  • हमीरपुर टेंडर घोटाला – सरकारी टेंडर प्रक्रिया में धांधली कर लाखों रुपये का गबन।
  • शिक्षा विभाग में पेपर लीक मामला – प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता पर सवाल।
  • पीडीएस घोटाला – राशन वितरण प्रणाली में गड़बड़ियां और कालाबाजारी।
  • वित्तीय संस्थानों में फर्जी ऋण प्रकरण – कई जिलों में सहकारी बैंकों द्वारा बिना पात्रता के ऋण वितरण।

इन मामलों ने प्रदेश की प्रशासनिक साख पर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। आम जनता अब यह सवाल कर रही है कि क्या हिमाचल भी भ्रष्टाचार की गिरफ़्त में आ चुका है?

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