#अव्यवस्था
February 5, 2026
सावधान हिमाचल ! लगातार पांच दिन नहीं मिलेगी 108-102 AMBULANCE, हड़ताल पर जा रहे कर्मी
सुक्खू सरकार और NHM की नीतियों के खिलाफ हड़ताल करेंगे एंबुलेंस कर्मी
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शिमला। हिमाचल प्रदेश की जनता के लिए जीवन रेखा बन चुकी 108 और 102 एंबुलेंस सेवाओं के पहिये थमने वाले हैं। 108 और 102 एंबुलेंस कर्मचारियों ने सुक्खू सरकार और नेशनल हेल्थ मिशन की नीतियों के खिलाफ हड़ताल करने का फैसला लिया है।
इस हड़ताल से प्रदेश की जनता को नुकसान उठाना पड़ सकता है। कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी हड़ताल का ऐलान कर दिया है। 108 और 102 एंबुलेंस कर्मचारियों के अनुसार, वह अब पांच दिन की हड़ताल पर जाएंगे।
आपको बता दें कि 108 और 102 एंबुलेंस कर्मचारियों की ये हड़ताल 12 फरवरी से 17 फरवरी सुबह 8 बजे तक जारी रहेगी। इस हड़ताल के चलते पूरे हिमाचल में 293 एंबुलेंस सेवाएं ठप्प रहेंगी।
इस हड़ताल से मरीजों को काफी परेशानी झेलनी पड़ सकती है। एंबुलेंस कर्मचारी यूनियन (सीटू संबंधित) ने साफ कहा है कि सरकार की उपेक्षा और शोषणकारी नीतियों के चलते अब उनके पास आंदोलन के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। उनका कहना है कि NHM की ओर से उनकी लंबित मागों को नजरअंदाज किया जा रहा है। प्रशासन कंपनी के हित में काम कर रहा है।
वहीं एंबुलेंस कर्मचारियों की हड़ताल पर सुक्खू सरकार द्वारा जारी किए एस्मा पर कांट्रेक्ट वर्कर यूनियन के महासचिव बालकराम ने कहा कि यूनियन ने हड़ताल का फैसला लिया है और वह उस पर कायम हैं। बालकराम ने कहा कि कंपनी कर्मचारियों का शोषण कर रही है।
EPF के दोनों शेयर कर्मचारियों के वेतन से ही काटे जा रहे हैं। स्वास्थ्य सचिव व निदेशक हमें अपना कर्मचारी मानने तक को तैयार नहीं हैं। ऐसे में सरकार को एस्मा हम पर नहीं बल्कि कंपनी पर लगाया जाना चाहिए।
दूसरी ओर एंबुलेंस कर्मियों का दर्द भी कम नहीं है। वर्षों से सेवा दे रहे ये कर्मचारी वेतन विसंगतियों, न्यूनतम वेतन के अधूरे भुगतान, समय पर सैलरी न मिलने, सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं और सेवा सुरक्षा जैसी मांगों को लेकर खुद को शोषित महसूस कर रहे हैं। यूनियन नेताओं का कहना है कि बार.बार सरकार के समक्ष समस्याएं रखी गईं, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
सीटू अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने कहा कि NHM के अधीन कार्यरत कर्मचारियों को-