#अव्यवस्था
April 24, 2026
हिमाचल में जिंदा महिला को रिकॉर्ड में मृत दिखाया, पेंशन भी बंद की- अब हुए कई और खुलासे
पेंशन बहाल होने का रास्ता साफ- विभाग ने मानी तकनीकी गलती
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बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में मुख्यमंत्री सहारा योजना से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इस मामले ने सरकारी व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नैना देवी क्षेत्र के साई ब्राह्मण गांव की एक महिला को सरकारी रिकॉर्ड में मृत दर्ज कर दिया गया, जबकि वह जीवित थी। हैरानी की बात यह रही कि उसका मृत्यु प्रमाण पत्र तक जारी हो चुका था, जिसके चलते पिछले करीब छह महीनों से उसकी पेंशन बंद पड़ी थी।
मामला उजागर होते ही प्रशासन हरकत में आया और महज 24 घंटे के भीतर पोर्टल पर महिला का रिकॉर्ड दुरुस्त कर दिया गया। अब उसे फिर से जीवित श्रेणी में दर्ज कर दिया गया है, जिससे उसकी रुकी हुई पेंशन बहाल होने का रास्ता साफ हो गया है। लंबे समय से परेशानी झेल रहे परिवार ने राहत की सांस ली है।
हालांकि, यह मामला यहीं तक सीमित नहीं रहा। जब विभाग ने इसकी पड़ताल शुरू की तो सामने आया कि जिले में ऐसे कई और मामले भी मौजूद हैं, जहां रिकॉर्ड में गड़बड़ी के कारण पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा। इससे साफ संकेत मिलता है कि सिस्टम में कहीं न कहीं गंभीर लापरवाही या तकनीकी खामी बनी हुई है।
इस संबंध में CMO बिलासपुर डॉ. शशि दत्त शर्मा ने बताया कि शुरुआती जांच में इसे कंप्यूटर की तकनीकी गड़बड़ी माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी संदिग्ध मामलों की समीक्षा की जा रही है। जिन लोगों के रिकॉर्ड में त्रुटि पाई जाएगी- उसे जल्द सुधार दिया जाएगा, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित न रहे।
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स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों से भी अपील की है कि अगर किसी का नाम सहारा योजना में गलत दर्ज है या इनएक्टिव दिख रहा है- तो वे तुरंत संबंधित विभाग को सूचित करें। इससे समय रहते सुधार संभव होगा और अनावश्यक परेशानी से बचा जा सकेगा।
गौरतलब है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से इस तरह की शिकायतें सामने आती रही हैं। जहां जीवित लोगों को रिकॉर्ड में मृत दिखाकर उनकी पेंशन रोक दी गई। ऐसे मामलों ने एक बार फिर सरकारी तंत्र की निगरानी और डेटा प्रबंधन प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।