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June 19, 2026

आस्था के नाम पर पार्टी! पराशर मेले में मंदिर परिसर बना शराबियों का अड्डा- बोतलों का ढेर

बढ़ती भीड़ के साथ बढ़ रही गंदगी, सुविधाओं के अभाव पर प्रशासन पर सवाल

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मंडी। देवभूमि हिमाचल की पहचान माने जाने वाले पराशर में एक बार फिर आस्था और पर्यटन के नाम पर फैलाई जा रही गंदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सरनाहुली पर्व संपन्न होने के बाद मंदिर परिसर के आसपास जो तस्वीरें सामने आईं, उन्होंने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को आहत कर दिया है।

मंदिर परिसर में कूड़ा और शराब की बोतलें

मंदिर के आसपास बड़ी मात्रा में शराब की खाली बोतलें, प्लास्टिक और अन्य कूड़ा-कचरा बिखरा मिला। स्थानीय पर्यावरण प्रेमी धूमल ठाकुर ने युवक दल के साथ मिलकर जब सफाई अभियान शुरू किया, तो मंदिर परिसर के करीब 20 मीटर के दायरे से भारी मात्रा में कूड़ा और शराब की बोतलें एकत्र की गईं।

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दो दिन तक टेंट में रुके लोग

16 जून को आयोजित सरनाहुली पर्व में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचे थे। कई लोग दो दिनों तक टेंट लगाकर यहां रुके रहे, लेकिन आयोजन समाप्त होने के बाद कूड़ा वहीं छोड़कर चले गए।

बढ़ती भीड़ के साथ बढ़ रही गंदगी

स्थानीय लोगों का कहना है कि जैसे-जैसे सरनाहुली पर्व का स्वरूप बड़ा हुआ है, वैसे-वैसे यहां आने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ी है। मगर कुछ लोग धार्मिक आयोजन की आड़ में पार्टी और मौज-मस्ती के उद्देश्य से पहुंच रहे हैं, जिससे देव संस्कृति और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंच रही है।

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प्रदूषण को लेकर जताई चिंता

पराशर ऋषि देवता के गूर ने भी बढ़ते प्रदूषण पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि कोविड काल के दौरान झील का तैरता हुआ द्वीप दिन में कई बार अपनी स्थिति बदलता था, लेकिन पिछले कुछ समय में इसमें बदलाव देखने को मिला है। इसे वह झील में बढ़ते प्रदूषण से जोड़कर देख रहे हैं।

सुविधाओं के अभाव पर प्रशासन पर सवाल

मंदिर कमेटी के प्रधान बलवीर ने कहा कि मेले को जिला स्तरीय दर्जा तो दे दिया गया, लेकिन सुविधाओं का विस्तार नहीं किया गया। न तो पर्याप्त शौचालय उपलब्ध कराए गए और न ही साफ-सफाई की कोई प्रभावी व्यवस्था की गई। उन्होंने बताया कि प्रशासन के साथ हुई बैठकों में मेले का स्वरूप बढ़ाने का विरोध भी किया गया था।

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2021 से अब तक मिल चुकी हैं 10 लाख शराब की बोतलें

पर्यावरण प्रेमी धूमल ठाकुर के अनुसार वर्ष 2021 से अब तक पराशर क्षेत्र से लगभग 10 लाख शराब की खाली बोतलें एकत्र की जा चुकी हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से कचरा फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और क्षेत्र की पवित्रता बनाए रखने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

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