#अव्यवस्था
June 25, 2026
हिमाचल : डिलीवरी के बाद बिगड़ी महिला की तबीयत, नर्स बोली- ड्रामा कर रही है, हुई मौ.त
दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग कर रहे परिजन
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कुल्लू। हिमाचल प्रदेश के क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में एक प्रसूता की मौत के बाद मामला गंभीर रूप लेता जा रहा है। मृतका के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
घटना के बाद परिवार में गहरा शोक है, वहीं स्थानीय स्तर पर भी मामले को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। मृतका की पहचान मंडी जिले के सराज क्षेत्र की रहने वाली मंजू शर्मा के रूप में हुई है।
परिजनों के अनुसार प्रसव के बाद उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही थी, लेकिन समय रहते आवश्यक ध्यान नहीं दिया गया। परिवार का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद मरीज की स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया गया, जिसके कारण हालात और बिगड़ते चले गए।
परिजनों का कहना है कि प्रसव के बाद मंजू शर्मा ने कई बार अपनी असहजता और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जानकारी अस्पताल स्टाफ को दी थी। उनका दावा है कि मरीज लगातार कमजोरी और अन्य परेशानियों की शिकायत कर रही थी, लेकिन उसकी स्थिति का समुचित आकलन नहीं किया गया।
मृतका के भाई दिनेश शर्मा ने आरोप लगाया कि परिवार के सदस्यों ने भी कई बार स्वास्थ्य कर्मियों का ध्यान मरीज की बिगड़ती हालत की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें संतोषजनक प्रतिक्रिया नहीं मिली। उनका कहना है कि यदि समय रहते स्थिति को गंभीरता से लिया जाता तो शायद यह दुखद घटना टाली जा सकती थी।
परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से मौत के वास्तविक कारणों को स्पष्ट करने की मांग की है। उनका कहना है कि अब तक उन्हें ऐसी कोई जानकारी नहीं दी गई है जिससे यह स्पष्ट हो सके कि प्रसूता की मौत किन परिस्थितियों में हुई।
परिवार का आरोप है कि घटना के बाद भी उन्हें पूरी तरह संतुष्ट करने वाली जानकारी नहीं मिली। इसी कारण वे पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच चाहते हैं ताकि सच्चाई सामने आ सके और यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जा सके।
मृतका के परिजनों ने स्पष्ट कहा है कि वे मामले को हल्के में नहीं लेंगे। उनका कहना है कि यदि उन्हें निष्पक्ष जांच और न्याय नहीं मिला तो वे उच्च स्तर तक अपनी बात पहुंचाएंगे। परिवार ने संकेत दिए हैं कि आवश्यकता पड़ने पर वे मुख्यमंत्री से भी मुलाकात करेंगे और कानूनी विकल्पों का भी सहारा लेंगे। परिजनों का कहना है कि चिकित्सा सेवाओं पर लोगों का भरोसा बना रहना बेहद जरूरी है और किसी भी प्रकार की लापरवाही की निष्पक्ष जांच होना समाज के हित में है।
दूसरी ओर अस्पताल प्रशासन ने परिजनों के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि अभी तक इस संबंध में कोई औपचारिक लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत मिलने पर नियमानुसार जांच प्रक्रिया शुरू की जाएगी और सभी तथ्यों की पड़ताल की जाएगी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि अस्पताल में उपलब्ध प्रोटोकॉल के अनुसार उपचार प्रदान किया गया था। उन्होंने कहा कि मौत के वास्तविक कारणों को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना अभी जल्दबाजी होगी, क्योंकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
घटना के बाद क्षेत्र में शोक के साथ-साथ आक्रोश का माहौल भी देखा जा रहा है। कई लोगों का मानना है कि पूरे मामले की पारदर्शी जांच होनी चाहिए। फिलहाल सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट और संभावित जांच पर टिकी हुई हैं, जिनसे इस मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।