#अव्यवस्था

January 21, 2026

क्या सुक्खू सरकार के पास है इतना पैसा? 1000 सरकारी भवन खाली- फिर भी बनाए नए, जानें मामला

मंत्री राजेश धर्माणी ने साझा की जानकारी

शेयर करें:

Sukhu Government

शिमला। आर्थिक तंगी से जूझ रहे हिमाचल प्रदेश में सरकारी खर्चों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। हैरानी की बात यह है कि, प्रदेश में करीब एक हजार सरकारी भवन खाली पड़े हैं, बावजूद इसके अलग-अलग विभागों द्वारा नए भवनों का निर्माण कराया गया। अब इस पूरे मामले ने सुक्खू सरकार के वित्तीय प्रबंधन और प्रशासनिक योजना पर बहस छेड़ दी है।

मंत्री राजेश धर्माणी ने साझा की जानकारी

बीते कल मंगलवार को हुई मंत्रिमंडलीय उपसमिति की बैठक के बाद आवास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने इस स्थिति की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि फिलहाल करीब 500 ऐसे सरकारी भवनों का विवरण उपसमिति के सामने आ चुका है,

यह भी पढ़ें : सुक्खू सरकार ने मांगा IAS अधिकारियों से हिसाब : बताना होगा किसके पास कितनी संपत्ति है..

जो विभिन्न विभागों के अधीन हैं और लंबे समय से उपयोग में नहीं लाए जा रहे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कई विभागों ने नए भवन बनवा लिए, लेकिन पुराने भवनों को यूं ही खाली छोड़ दिया गया।

रिपोर्ट तैयार कर कैबिनेट के समक्ष रखी जाएगी

मंत्री धर्माणी ने कहा कि यह न केवल संसाधनों की बर्बादी है, बल्कि सरकारी धन के सही इस्तेमाल पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है। उपसमिति अब इस पूरे विषय पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी, जिसे कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा। रिपोर्ट में यह भी सुझाव दिए जाएंगे कि खाली पड़े इन भवनों का किस तरह दोबारा उपयोग किया जा सकता है।

यह भी पढ़ें : हिमाचल डिप्टी CM की विधानसभा में बड़ा घोटाला : करोड़ों में खरीदी खाई और खड्ड वाली जमीन- जांच तेज

जानकारी के मुताबिक सबसे अधिक खाली भवन कृषि, पशुपालन, बिजली बोर्ड, लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति और राजस्व विभाग से जुड़े हैं। इसके अलावा पंचायत स्तर पर भी बड़ी संख्या में सरकारी भवन ऐसे हैं, जिनका इस्तेमाल नहीं हो रहा। कई सरकारी स्कूलों के भवन भी खाली पड़े हैं, जिनकी समय पर मरम्मत और देखरेख नहीं की गई।

इस बात पर टिकी हैं सबकी निगाहें

राज्य में जब विकास कार्यों और कल्याणकारी योजनाओं के लिए धन की कमी की बात सामने आती रहती है, ऐसे में खाली सरकारी भवनों की यह तस्वीर सरकार के लिए असहज स्थिति पैदा कर रही है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सुक्खू सरकार उपसमिति की रिपोर्ट के आधार पर क्या ठोस कदम उठाती है और क्या वाकई इन बेकार पड़े भवनों को दोबारा उपयोग में लाया जाएगा।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें

ट्रेंडिंग न्यूज़
LAUGH CLUB
संबंधित आलेख