#अव्यवस्था
April 21, 2026
हिमाचल में नहीं सुधरेगी खराब सड़कों की हालत : टारिंग का काम बंद, बढ़ा संकट- जानें क्या है वजह
पर्यटन और सेब सीजन पर पड़ रहा असर
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शिमला। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब हिमाचल प्रदेश की सड़कों तक साफ दिखाई देने लगा है। ईरान, इस्राइल और अमेरिका के बीच जारी टकराव ने कच्चे तेल की सप्लाई को प्रभावित किया है, जिसका सीधा असर निर्माण सामग्री पर पड़ा है।
प्रदेश में सड़क निर्माण के लिए जरूरी तारकोल (बिटुमेन) की भारी किल्लत हो गई है। रिफाइनरियों को पर्याप्त कच्चा तेल नहीं मिल पाने से उत्पादन लगभग 50 प्रतिशत तक गिर गया है। इसका नतीजा यह है कि जो तारकोल पहले करीब 44 हजार रुपये प्रति मीट्रिक टन मिलती थी, उसकी कीमत अब बढ़कर लगभग 88 हजार रुपये तक पहुंच गई है।
इस अचानक आई महंगाई और कमी ने लोक निर्माण विभाग, एनएच विंग और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण जैसी एजेंसियों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। ठेकेदार नई परियोजनाओं में बोली लगाने से पीछे हट रहे हैं। जबकि जिन लोगों ने पहले से काम ले रखा है, उन्हें भी सामग्री समय पर नहीं मिल रही।
प्रदेश में इस समय टारिंग का सबसे अहम सीजन चल रहा है। सर्दियों के बाद गर्मियों में ही सड़कें बेहतर तरीके से पक्की की जाती हैं, लेकिन मौजूदा हालात में यह काम ठप पड़ता नजर आ रहा है। जुलाई-अगस्त में मानसून के दौरान टारिंग की गुणवत्ता गिर जाती है, ऐसे में अभी का समय गंवाना सरकार और विभागों के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गया है।
इस स्थिति का असर सिर्फ निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं रहेगा। हिमाचल की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले पर्यटन और सेब सीजन पर भी इसका असर पड़ सकता है, क्योंकि खराब सड़कें आवाजाही को प्रभावित करती हैं।
लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ एनपी सिंह के अनुसार, हालात से सरकार को अवगत करा दिया गया है। PMGSY सड़कों से जुड़ी समस्या को केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय तक पहुंचाया गया है।
वहीं, फील्ड स्तर के अधिकारियों का कहना है कि कच्चे माल की अंतरराष्ट्रीय कमी के कारण सप्लाई चेन बाधित है। पानीपत रिफाइनरी से संपर्क किया जा रहा है, लेकिन उत्पादन कम होने के कारण संकट बना हुआ है।
अभी स्थिति यह है कि ठेकेदारों की मांग पूरी करने में 10 से 15 दिन तक का समय लग रहा है और कई ट्रक रिफाइनरी के बाहर इंतजार में खड़े हैं। अगर खाड़ी देशों में तनाव लंबा चलता है, तो आने वाले समय में हिमाचल में सड़क निर्माण पूरी तरह से प्रभावित हो सकता है। साथ ही साथ विकास कार्यों की रफ्तार पर गंभीर असर पड़ सकता है।