#अव्यवस्था
April 23, 2026
फजीहत के बाद CM सुक्खू ने फिर पलटा अपना फैसला : गेस्ट हाउस में 3 गुना बढ़ा दिया था किराया
विरोध के बाद सुक्खू सरकार को लेना पड़ा यू-टर्न
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में दिल्ली और चंडीगढ़ स्थित सरकारी गेस्ट हाउसों के किराये में अचानक भारी बढ़ोतरी ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया। आम जनता के लिए 1200 रुपये से सीधे 4000 रुपये तक किराया बढ़ाने के फैसले पर विरोध इतना तेज हुआ कि सरकार को कुछ ही घंटों में यू-टर्न लेना पड़ा। अब इस फैसले को फिलहाल होल्ड पर डाल दिया गया है।
सरकार ने साफ किया है कि गेस्ट हाउसों के चुनिंदा कमरों के लिए प्रस्तावित नई दरें तब तक लागू नहीं होंगी, जब तक ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल पूरी तरह अपग्रेड नहीं हो जाता। सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव आशीष सिंहमार के अनुसार, फिलहाल पुरानी दरें ही लागू रहेंगी और लोगों को 4000 रुपये की बजाय 1200 रुपये ही देने होंगे।
सरकार का कहना है कि नई टैरिफ संरचना का उद्देश्य बुकिंग प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाना है। हिमातिथि पोर्टल के अपडेट होने के बाद ही नई दरें प्रभावी की जाएंगी, ताकि लोग बिना पूर्व स्वीकृति के सीधे ऑनलाइन कमरे बुक कर सकें।
दरअसल, 20 प्रतिशत कमरों को आम जनता के लिए ऑनलाइन उपलब्ध कराने के नाम पर किराया तीन गुना से ज्यादा बढ़ा दिया गया था। जैसे ही यह फैसला सामने आया, सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक विरोध शुरू हो गया। बढ़ते दबाव के बीच सरकार ने उसी दिन शाम को फैसला वापस ले लिया।
यह पहला मौका नहीं है जब सरकार को अपने फैसलों से पीछे हटना पड़ा हो। हाल के महीनों में कई ऐसे निर्णय रहे हैं जिन्हें विरोध के बाद बदलना पड़ा- चाहे वह बिजली सब्सिडी का मुद्दा हो, एंट्री टैक्स हो या कर्मचारियों की सैलरी डेफर करने का मामला। इन घटनाओं ने सरकार की कार्यशैली और प्रशासनिक पकड़ पर सवाल खड़े किए हैं।
लगातार फैसलों में बदलाव के चलते विपक्ष सरकार को पलटूराम कहकर घेर रहा है। वहीं सोशल मीडिया पर भी लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या फैसले जल्दबाजी में लिए जा रहे हैं या अफसरशाही का असर ज्यादा है।