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June 10, 2025

हिमाचल : PM आवास योजना में फंसा गरीबों का आशियाना, पहली किस्त न मिलने से हजारों को झटका

प्रधानमंत्री आवास योजना की रफ्तार पर ब्रेक

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शिमला। हिमाचल प्रदेश में गरीबों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत घर बनाने का सपना अधूरा रह गया है। योजना के तहत स्वीकृति मिल जाने के बावजूद हजारों लाभार्थी अभी भी पहली किस्त का इंतजार कर रहे हैं। वजह है- पीएफएमएस सर्वर से आधार और बैंक खाते का लिंक न होना, जिसके चलते पूरी प्रक्रिया अधर में लटक गई है।

यह है समस्या

राज्य में करीब 69,329 लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत मकान बनाने की मंजूरी मिली थी, जिसमें से लगभग 65,164 लोगों को पहली किस्त जारी की जा चुकी है। लेकिन लगभग 4,000 लाभार्थियों को अभी तक एक भी किस्त नहीं मिली है।

 

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इसका मुख्य कारण यह है कि पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम ने उनके आधार और बैंक खाते के लिंक को अभी तक न तो स्वीकृत किया है और न ही अस्वीकृत।

पीएफएमएस क्या है?

यह भारत सरकार द्वारा विकसित एक वेब-बेस्ड फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम है, जिसे लेखा महानियंत्रक की देखरेख में तैयार किया गया है। इस प्रणाली के माध्यम से लाभार्थियों को योजना के तहत सीधे खाते में राशि हस्तांतरित की जाती है। मगर इस प्रणाली में आधार से लिंक की बाध्यता है। जब तक आधार बैंक खाते से सत्यापित नहीं होता, लाभार्थी को किस्त जारी नहीं की जा सकती।

छह महीने से अटके हैं मामले

बताया जा रहा है कि यह समस्या बीते छह माह से अधिक समय से बनी हुई है। जिन लाभार्थियों ने सारे दस्तावेज़ और प्रक्रिया पूरी कर ली है, वे बार-बार अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन समाधान नहीं मिल रहा।

 

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जिला ग्रामीण विकास एजेंसी के परियोजना अधिकारी ने बताया कि तकनीकी वजहों से PFMS से आधार का लिंक नहीं हो पाया है। जब तक लिंकिंग प्रक्रिया पूरी नहीं होती, किस्त जारी नहीं की जा सकती।

लोगों की उम्मीदें अधर में

जिन लोगों ने मकान की योजना बनाकर तैयारी कर रखी थी, वे अब परेशान और निराश हैं। जिनके घरों की नींव भी नहीं रखी गई, उन्हें अब और इंतजार करना होगा। और जो आधे निर्माण तक पहुंचे थे, वे आर्थिक तंगी में आकर काम रोकने को मजबूर हो गए हैं।

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