#अव्यवस्था
June 20, 2026
सुक्खू सरकार की बड़ी कार्रवाई: BOD निलंबित कर कब्जे में लिया यह बैंक, 3 प्रशासक नियुक्त; जानें क्यों
कई वर्षों से सामने आ रही थीं बैंक में खामियां
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सोलन। वित्तीय संकट से जूझ रहे बघाट अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक पर हिमाचल सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। बैंक के कामकाज में सामने आई गंभीर खामियों और बढ़ते जोखिमों को देखते हुए सरकार ने बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को निलंबित कर दिया है। अब बैंक का संचालन तीन प्रशासकों के माध्यम से किया जाएगा। सरकार का दावा है कि यह कदम बैंक की स्थिति सुधारने और जमाकर्ताओं का भरोसा बहाल करने के लिए उठाया गया है।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब बैंक लगातार वित्तीय दबाव से जूझ रहा है। बैंक का NPA (गैर-निष्पादित आस्ति) बढ़कर करीब 138 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। वहीं, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया पहले ही बैंक के लेन-देन पर प्रतिबंधात्मक कैपिंग लागू कर चुका है, जिसकी अवधि आगामी 8 जुलाई को खत्म होने वाली है।
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रजिस्ट्रार सहकारी समितियां दोरजे शेरिंग नेगी ने निलंबित बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसमें बोर्ड से 30 दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है कि बैंक की बिगड़ती स्थिति और सामने आई कमियों के लिए उनकी जिम्मेदारी क्या है। सरकार ने यह कदम बैंक के कामकाज में सुधार लाने और जमाकर्ताओं के हितों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से उठाया है।
जानकारी के अनुसार, बैंक के संचालन को लेकर पिछले कई वर्षों से सवाल उठते रहे हैं। RBI की निरीक्षण रिपोर्टों में वर्ष 2017-18 से बैंक में कई गंभीर अनियमितताओं, नियमों की अनदेखी और कमजोर वित्तीय प्रबंधन का उल्लेख किया गया था। आरबीआई की ओर से समय-समय पर बैंक को सुधार के निर्देश दिए गए, लेकिन स्थिति में ज्यादा सुधार नहीं हो पाया। इसके बाद बैंक की आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती चली गई।
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बैंक की खराब वित्तीय स्थिति का असर हजारों लोगों पर पड़ रहा था। करीब 11 हजार शेयरधारकों और लगभग 80 हजार जमाकर्ताओं में बैंक को लेकर चिंता बढ़ती जा रही थी। कई लोगों ने बैंक की कार्यप्रणाली को लेकर शिकायतें कीं और अलग-अलग मंचों पर अपनी परेशानियां उठाईं। बढ़ते दबाव और विरोध के बाद सरकार ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए बड़ा फैसला लिया।
सरकार की कार्रवाई के बाद बैंक के मौजूदा बोर्ड को हटा दिया गया है। निलंबित किए गए निदेशकों में अध्यक्ष अरुण शर्मा, उपाध्यक्ष किरण किशोर ठाकुर के अलावा सुंदर सिंह ठाकुर, संजीव कुमार, अमर सिंह, कृष्ण लाल ग्रोवर, कल्पना ठाकुर और गगन चौहान शामिल हैं।
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बैंक के प्रशासन और वित्तीय सुधार की जिम्मेदारी अब नीरज सूद, गिरीश नड्डा और संजय कुमार शर्मा को सौंपी गई है। नए प्रशासकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती बैंक की आर्थिक स्थिति को संभालना, ग्राहकों का भरोसा वापस लाना और बैंकिंग सेवाओं को सामान्य करना होगा।
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सरकार को उम्मीद है कि नई व्यवस्था के तहत बैंक की कमियों को दूर किया जाएगा और जमाकर्ताओं के हितों को प्राथमिकता दी जाएगी। आने वाले समय में बैंक की स्थिति को लेकर सरकार और संबंधित विभाग लगातार निगरानी रखेंगे।