कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश को देवभूमि कहा जाता है। यहां कई ऐसे मंदिर हैं, जो अपनी धार्मिक मान्यताओं और रहस्यमयी कहानियों के लिए दूर-दूर तक प्रसिद्ध हैं। इन्हीं में से एक है नागनी माता मंदिर। इस मंदिर को लेकर लोगों के बीच कई तरह की मान्यताएं प्रचलित हैं। कहा जाता है कि अगर किसी व्यक्ति को सांप काट ले, तो मंदिर में आने के बाद यहां का पानी पीने और मंदिर की मिट्टी लगाने से जहर का असर खत्म हो जाता है। इसी मान्यता की वजह से यह मंदिर लोगों के बीच खास आस्था का केंद्र बना हुआ है।

नूरपुर के पास स्थित है नागनी माता मंदिर

नागनी माता मंदिर हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में नूरपुर के पास स्थित है। मंदिर के आसपास का इलाका पहाड़ों और प्राकृतिक सुंदरता से घिरा हुआ है। यही वजह है कि यहां धार्मिक आस्था के साथ-साथ घूमने के लिए भी लोग पहुंचते हैं। खासकर सावन और भाद्रपद के महीने में यहां हर शनिवार को मेला लगता है। इस दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ देखने को मिलती है।

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मंदिर में विराजमान हैं नागनी माता

मंदिर में नागनी माता की मूर्ति स्थापित है। स्थानीय लोगों के बीच इस मंदिर को लेकर गहरी आस्था है। मान्यता है कि मंदिर के नीचे से पानी निकलता है और इसी पानी को लेकर कई धार्मिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं। लोगों का विश्वास है कि सांप के काटने के बाद मंदिर की मिट्टी लगाने और यहां का पानी पीने से जहर का असर खत्म हो जाता है।

 

हालांकि, सांप के काटने की स्थिति में यह ध्यान रखना जरूरी है कि व्यक्ति को तुरंत अस्पताल ले जाकर चिकित्सकीय उपचार दिलाया जाए। मंदिर की मान्यता को चिकित्सा उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।

नाग पंचमी पर उमड़ती है श्रद्धालुओं की भीड़

नाग पंचमी के दिन नागनी माता मंदिर में खास रौनक देखने को मिलती है। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं और माता की पूजा-अर्चना करते हैं। लोग अपने परिवार की सुख-शांति और सर्पदंश से सुरक्षा की प्रार्थना करते हैं। इस दौरान यहां विशेष मेला भी लगता है, जिसमें दूर-दूर से लोग शामिल होने पहुंचते हैं।

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मंदिर की मान्यताएं बनाती हैं इसे खास

नागनी माता मंदिर अपनी धार्मिक मान्यताओं की वजह से लोगों के बीच काफी प्रसिद्ध है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं का मानना है कि माता के दरबार में सच्चे मन से प्रार्थना करने से मन को शांति मिलती है। मंदिर का शांत और सुंदर वातावरण भी लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है।

सावन-भाद्रपद में यहां दिखती है अलग रौनक

अगर आप नागनी माता मंदिर जाने का प्लान बना रहे हैं, तो साल के किसी भी समय यहां जा सकते हैं। हालांकि सावन और भाद्रपद का समय खास माना जाता है, क्योंकि इस दौरान मंदिर में मेले का आयोजन होता है। मेले के समय यहां श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है और मंदिर परिसर में अलग ही माहौल देखने को मिलता है।