कुल्लू। देवभूमि हिमाचल प्रदेश अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर के लिए भी प्रसिद्ध है। यहां के हर गांव और कस्बे में देवी-देवताओं का निवास माना जाता है। हिमाचल प्रदेश की संस्कृति और परंपराएं देवी-देवताओं की पूजा और उनके साथ जुड़े अनुष्ठानों से गहराई से जुड़ी हुई हैं।
हजारों-करोड़ों की संपत्ति
आज हम आपको हिमाचल के ऐसे देवी-देवताओं के बारे में बताएंगे- जिनके पास है हजारों-करोड़ों की संपत्ति। किसी के रथ में जड़ा है करोड़ों का सोना- तो किसी के पास है बेहिसाब जमीन और जंगल। यह भी पढ़ें : हिमाचल : साथियों के साथ जंगल गए थे दो भाई, गलती से चली गोली और….खजाने में लक्ष्मी का वास
हम बात कर रहे हैं हिमाचल के मंडी जिले की सराज घाटी के उन देवी-देवताओं की- जिनके पास खजाने में साक्षात लक्ष्मी का वास है। सराज घाटी में विष्णु स्वरूप माने जाने वाले देवता बड़ा देव मतलोड़ा संपत्ति के मामले में शिरोमणि माने जाते हैं। देवता की सात हारियों में सब हारियों का अपना एक देव भंडार है। इन देवता साहिब के रथ में ढाई करोड़ का सोना लगा है और चोहठ गांव में बनी देवता की कोठी भी करीब तीन करोड़ की है। यह भी पढ़ें : हिमाचल : जेब में चिट्टा लिए घूम रहा था युवक, बीच रास्ते में हुआ गिरफ्ताररथ में जड़ा है सोना
इसी तरह सराज घाटी के देवता श्याटी नाग के पास भी बहुत सारा सोना है। इन देवता साहिब के रथ में ही करोड़ों का सोना लगा है और इनके मोहरे और छत्र भी करोड़ों रुपए के स्वर्ण से बने हैं।वहीं, सराज घाटी के देव चुंजवाला के पास भी कांढा गांव में बनी करीब 2 करोड़ की कोठी और सोने से बना रथ भी है। साथ ही देव चुंजवाला के पास मौजूद जमीन भी भूमि राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है। यह भी पढ़ें : हिमाचल पुलिसकर्मियों की दादागिरी, ट्रांसफर ऑर्डर आया तो गुस्से में पीटे दो लोगView this post on Instagram
