बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश भाजपा में मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर चल रही अंदरूनी खींचतान एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। इस बार चर्चाओं की वजह बना है भाजपा विधायक त्रिलोक जम्वाल का एक बयान- जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
भाजपा में सियासी हलचल
एक सार्वजनिक मंच से निकला यह एक वाक्य भाजपा की आंतरिक राजनीति में नए सवाल और अटकलें पैदा कर रहा है। दरअसल, रविवार शाम बिलासपुर के बरमाणा क्षेत्र के कहलूर में आयोजित वॉलीबॉल चैंपियनशिप के समापन समारोह में सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए थे।
यह भी पढ़ें : हिमाचल में बच्चों की सेहत से खिलवाड़ : CADBURY चॉकलेट में निकला जिंदा कीड़ा और अंडे
विधायक ने अनुराग को कहा CM
कार्यक्रम के दौरान जब बिलासपुर सदर से भाजपा विधायक त्रिलोक जम्वाल मंच से संबोधन कर रहे थे, तभी उन्होंने अनुराग ठाकुर को संबोधित करते हुए उन्हें ‘सम्मानीय मुख्यमंत्री’ कह दिया।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
कुछ ही पलों बाद उन्होंने खुद को संभालते हुए ‘मुख्य अतिथि’ शब्द का प्रयोग किया, लेकिन तब तक बात मंच से उतरकर सोशल मीडिया तक पहुंच चुकी थी। वीडियो क्लिप वायरल होते ही राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया।
यह भी पढ़ें : हिमाचल : घर में घुसी तेज रफ्तार कार, उड़े परखच्चे; चीख-पुकार से दहला पूरा इलाका
क्यों अहम माना जा रहा है यह बयान?
यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब भाजपा के अंदर मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर असमंजस और प्रतिस्पर्धा खुलकर दिखाई देने लगी है। अभिनेत्री व मंडी सांसद कंगना रनौत पहले ही सार्वजनिक रूप से खुद को मुख्यमंत्री पद का दावेदार बता चुकी हैं।

मुख्यमंत्री पद के कई दावेदार
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का नाम भी पार्टी के मजबूत चेहरों में लगातार लिया जाता रहा है। इसके अलावा भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और सांसद अनुराग ठाकुर को भी प्रदेश नेतृत्व के संभावित दावेदारों के रूप में देखा जा रहा है। ऐसे में विधायक का मंच से जुबान फिसलना महज एक भूल माना जाए या किसी अंदरूनी संकेत के तौर पर देखा जाए-इस पर बहस छिड़ गई है।
यह भी पढ़ें : सुक्खू सरकार देने जा रही बड़ी राहत : दो महीने बाद से सस्ती मिलेगी बिजली, जानें
पहले भी सामने आ चुकी है अंदरूनी नाराजगी
भाजपा के अंदर इस मुद्दे पर पहले भी तल्खी सामने आ चुकी है। अक्टूबर 2025 में पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने एक सार्वजनिक मंच से बिना किसी नेता का नाम लिए अनुराग ठाकुर और कंगना रनौत पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधा था।
जयराम ने साधा था निशाना
जयराम ठाकुर ने तब कहा था कि भाजपा एक अनुशासित पार्टी है- जहां मुख्यमंत्री का चेहरा स्वयं नेता नहीं, बल्कि पार्टी हाईकमान तय करता है। उन्होंने यह भी कहा था कि कुछ नेता खुद को आगे बढ़ाने में लगे हैं, लेकिन पार्टी में न तो पहले ऐसा हुआ है और न ही भविष्य में होगा।
यह भी पढ़ें : 'सुक्खू सरकार ने कर्ज में डुबोया हिमाचल', सांसद अनुराग बोले- अभी भी समय है संभल सकता है बहुत कुछ
सियासी खींचातन तेज
जयराम ठाकुर की यह प्रतिक्रिया मंडी में एक कार्यक्रम के दौरान अनुराग समर्थकों द्वारा लगाए गए नारे “हिमाचल का मुख्यमंत्री कैसा हो, अनुराग ठाकुर जैसा हो” के बाद आई थी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाएं सिर्फ व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि संगठन के भीतर नेतृत्व संतुलन को लेकर चल रही खींचतान को भी उजागर करती हैं।
चुनाव अभी दूर, लेकिन संकेत साफ
हालांकि, हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव अभी करीब पौने दो साल दूर हैं। राज्य में विधानसभा चुनाव दिसंबर 2027 में होने हैं, लेकिन इसके बावजूद भाजपा में मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर जिस तरह की बयानबाजी और घटनाएं सामने आ रही हैं, वे पार्टी की आंतरिक रणनीति और भावी नेतृत्व की दिशा को लेकर अहम संकेत दे रही हैं।
यह भी पढ़ें : हिमाचल : सुबह-सवेरे ऑटो में पड़ा मिला व्यक्ति, थम चुकी थी सांसें; पुलिस को इस बात का शक
पांच गुटों में बंटी है भाजपा
भाजपा की इस अंदरूनी उठापटक पर कांग्रेस को भी हमला बोलने का मौका मिल गया है। CM सुखविंदर सिंह सुक्खू और कांग्रेस के अन्य नेता लगातार सार्वजनिक मंचों से भाजपा पर चुटकी लेते रहे हैं। CM सुक्खू कई बार कह चुके हैं कि भाजपा हिमाचल में एक नहीं, बल्कि पांच गुटों में बंटी हुई है और यही वजह है कि पार्टी भीतर ही भीतर उलझी हुई है।
आने वाले समय में और बढ़ सकती हैं चर्चाएं
फिलहाल भाजपा नेतृत्व इस पूरे मामले पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया देने से बच रहा है। मगर त्रिलोक जम्वाल के बयान ने यह साफ कर दिया है कि मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर चर्चाएं थमने वाली नहीं हैं। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएंगे, भाजपा की आंतरिक राजनीति और भी खुलकर सामने आ सकती है।
