#राजनीति
February 9, 2026
'सुक्खू सरकार ने कर्ज में डुबोया हिमाचल', सांसद अनुराग बोले- अभी भी समय है संभल सकता है बहुत कुछ
जनता को गुमराह कर रही सुक्खू सरकार- बोले अनुराग
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बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति को लेकर राजनीतिक बयानबाजी एक बार फिर तेज हो गई है। रविवार को बिलासपुर दौरे पर पहुंचे पूर्व केंद्रीय मंत्री और हमीरपुर से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर जोरदार हमला बोला।
अनुराग ने राज्य सरकार पर अफवाहें फैलाने, तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने और हिमाचल को भारी कर्ज के बोझ तले धकेलने के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश आज जिस आर्थिक संकट से गुजर रहा है, उसकी जिम्मेदारी मौजूदा कांग्रेस सरकार की नीतियों और कमजोर वित्तीय प्रबंधन पर जाती है।
उन्होंने दावा किया कि सरकार की गलत प्राथमिकताओं और खर्चीली कार्यशैली के कारण प्रदेश की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर प्रदेश सरकार ने समय रहते संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल, अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण और ठोस आर्थिक योजना पर काम किया होता- तो आज हिमाचल प्रदेश एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के कर्ज में नहीं डूबता।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता को गुमराह करने के लिए लगातार बयानबाजी कर रही है और असल सच्चाई को छिपाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने प्रदेश सरकार की आर्थिक नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज हालात ऐसे बन चुके हैं कि सरकार नया कर्ज सिर्फ पुराने कर्ज का ब्याज चुकाने के लिए ले रही है। सरकार की इस नीति का असर आम जनता पर पड़ेगा और प्रदेश की आर्थिक स्थिति भी और ज्यादा कमजोर हो जाएगी।
अनुराग ठाकुर ने केंद्र सरकार की भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश के विकास में केंद्र सरकार ने कभी भी धन की कमी नहीं आने दी। उन्होंने रेलवे परियोजनाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि केंद्र सरकार लगातार बजट उपलब्ध करा रही है, लेकिन राज्य सरकार अपनी 25 प्रतिशत हिस्सेदारी और आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने में असफल रही है।
उन्होंने बताया कि रेलवे परियोजनाओं के लिए हिमाचल प्रदेश को करीब 2200 करोड़ रुपये का योगदान देना है, इसके बावजूद केंद्र सरकार राज्य के साथ सहयोग बनाए हुए है। अनुराग ठाकुर ने कहा कि अगर राज्य सरकार अपनी जिम्मेदारियों को समय पर पूरा करे, तो कई अहम परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ सकती हैं।
अनुराग ठाकुर ने केंद्र सरकार के सहयोग से बने किरतपुर-नेरचौक फोरलेन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि करीब 3400 करोड़ रुपये की लागत से बने इस फोरलेन ने हिमाचल प्रदेश को बड़ी सुविधा दी है।
इस सड़क परियोजना से न केवल यातायात व्यवस्था बेहतर हुई है, बल्कि व्यापार, पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को भी नई गति मिली है। उन्होंने कहा कि ऐसी परियोजनाएं दिखाती हैं कि अगर केंद्र और राज्य मिलकर काम करें, तो प्रदेश को किस तरह लाभ मिल सकता है।
अपने संबोधन के अंत में अनुराग ठाकुर ने प्रदेश सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि विकास कार्यों में राजनीति करने के बजाय केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता अब सच्चाई समझ रही है और आने वाले समय में वह सही और गलत का फैसला खुद करेगी।