शिमला। हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर मौसम करवट बदलने वाला है। मौसम विभाग की मानें तो कल रात से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो जाएगा। जिसका असर अगले चार दिन तक प्रदेश के ज्यादातर भागों पर नजर आएगा। ऊंचाई वाले भागों में बारिश-बर्फबारी की संभावना है।
गरज-बिजली के साथ बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, 19 और 20 फरवरी को प्रदेश के ऊंचे व मध्य पहाड़ी इलाकों में बारिश-बर्फबारी हो सकती है। जबकि, निचले व मैदानी इलाकों में बारिश की संभावना जताई गई है। इस दौरान कुछ जगहों पर गरज के साथ बारिश और बिजली गिरने की संभावा है।
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आंधी-तूफान का अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने 19 फरवरी के लिए ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा और कांगड़ा में येलो अलर्ट जारी किया है। जबकि, 20 फरवरी के लिए लाहौल-स्पीति और किन्नौर को छोड़कर प्रदेश के अन्य दस जिलों में आंधी-तूफान का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
बारिश-बर्फबारी का दौर
इसके बाद 21 फरवरी को ऊंचे पहाड़ी इलाकों में बारिश-बर्फबारी होने का पूर्वानुमान है। 22 फरवरी को ऊंचे और मध्य पर्वतीय इलाकों में बारिश-बर्फबारी की संभावना है।
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चेहरों पर छाई मायूसी
आपको बता दें कि बारिश-बर्फबारी ना होने के कारण किसान-बागवान काफी परेशान हैं। बारिश ना होने के कारण फसलों पर बुरा असर पड़ रहा है और सेब के बगीचे भी सूखने लगे हैं। इतना ही नहीं बारिश-बर्फबारी ना होने के कारण पर्यटक भी अब हिमाचल नहीं आ रहे हैं। जिससे पर्यटन कारोबार पर भी काफी बुरा असर पड़ रहा है।
विंटर सीजन में 77% कम बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस बार विंटर सीजन में प्रदेश में सामान्य से 77 प्रतिशत कम बारिश हुई है। 1 जनवरी से 13 फरवरी तक प्रदेश में सामान्य 130.3 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन इस अवधि में केवल 29.6 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है।
