सोलन। हिमाचल प्रदेश में मसाज सेंटरों की आड़ में चल रही अवैध गतिविधियों पर पुलिस की कार्रवाई लगातार सख्त होती जा रही है। बद्दी में सामने आए देह व्यापार के मामले में अब पुलिस ने औपचारिक रूप से केस दर्ज कर जांच को आगे बढ़ा दिया है। शुक्रवार रात की गई छापेमारी के बाद पुलिस ने चार मसाज सेंटरों से रेस्क्यू की गई युवतियों की पहचान, नेटवर्क और संचालन से जुड़े तथ्यों की पड़ताल शुरू कर दी है।

चार मसाज सेंटरों पर एक साथ रेड

यह कार्रवाई बद्दी के दावत चौक के समीप स्थित एक कॉम्प्लेक्स में की गई थी, जहां चार मसाज सेंटर संचालित हो रहे थे। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि इन सेंटरों में मसाज की आड़ में देह व्यापार कराया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने चार अलग-अलग टीमों का गठन किया और शुक्रवार रात करीब 8:45 बजे एक साथ चारों मसाज सेंटरों पर दबिश दी।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल में आस्था का सैलाब : 500 साल की हुई मंडी शिवरात्रि- मंदिरों में सुबह से ही उमड़े श्रद्धालु

17 युवतियों का रेस्क्यू, 10 आरोपी गिरफ्तार

छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 17 युवतियों को रेस्क्यू किया। वहीं चार मसाज सेंटरों के संचालकों समेत कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

गुप्त सूचना से शुरू हुई कार्रवाई

बताया जा रहा है कि पुलिस को पिछले कुछ समय से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ स्पा सेंटरों में मसाज और वेलनेस सेवाओं की आड़ में अवैध गतिविधियां संचालित हो रही हैं। इसके बाद पुलिस अधीक्षक बद्दी विनोद धीमान के निर्देशन में विशेष टीमों का गठन किया गया। सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने पहले गुप्त निगरानी शुरू की और कुछ कर्मियों को ग्राहक बनाकर अंदर भेजा गया। अवैध गतिविधियों की पुष्टि होते ही पहले से तैनात टीमों ने पूरे कॉम्प्लेक्स को घेर लिया और एक साथ चारों स्पा सेंटरों पर छापेमारी कर दी।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल: आर्थिक संकट के बीच 11 दिन के केरल दौरे पर गई सीएम सुक्खू की टीम, 10 सदस्य शामिल

चार स्पा सेंटरों में एक साथ रेड

छापेमारी के दौरान जिन प्रतिष्ठानों में कार्रवाई की गई] उनमें

  • ए-वन स्पा सेंटर
  • द गेटवे सैलून एंड स्पा सेंटर
  • द रिलीफ स्पा सेंटर 
  • जन्नत सैलून एंड स्पा सेंटर शामिल हैं।

तलाशी के दौरान पुलिस ने कुल 17 युवतियों को रेस्क्यू किया, जिनमें दो थाईलैंड की नागरिक बताई जा रही हैं। सभी युवतियों को विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत संरक्षण में लिया गया है। उनकी काउंसिलिंग की जा रही है और संबंधित एजेंसियों से समन्वय स्थापित किया जा रहा है।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल BREAKING: खाई में लुढ़की कार, मां-बेटे समेत 4 की मौके पर ही मौ.त- एक की हालत नाजुक

नौकरी के नाम पर फंसाया

पुलिस जांच में बड़ा खुलासा तब हुआ जब रेस्क्यू की गई युवतियों ने बयान दिए। उन्होंने बताया कि उन्हें अच्छी नौकरी और बेहतर वेतन का झांसा देकर बद्दी बुलाया गया था। लड़कियों को यहां नौकरी जिसमें रिसेप्शनिस्ट, हेल्पर या थेरेपिस्ट के नाम पर बुलाया गया था। लेकिन यहां पहुंचने पर उनके पासपोर्ट, आईडी या मोबाइल अपने कब्जे में रख लेते थे और फिर उनसे जबरन देह व्यापार करवाया जाता था। कुछ युवतियां बाहरी राज्यों से संबंधित बताई जा रही हैं। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या यह मामला संगठित मानव तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हुआ है।

अवैध गतिविधियों पर जीरो टॉलरेंस

एसपी बद्दी विनोद धीमान ने स्पष्ट किया कि जिले में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं के शोषण और मानव तस्करी से जुड़े मामलों में पुलिस आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई करती रहेगी। इस कार्रवाई के बाद बद्दी क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर नकेल कसने को लेकर पुलिस की सक्रियता चर्चा में है। वहीं, यह मामला एक बार फिर सवाल खड़ा करता है कि रोजगार के नाम पर युवतियों को जाल में फंसाने वाले नेटवर्क कितने संगठित और सक्रिय हैं।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें